सिविल कोर्ट, महाविद्यालय, हाई स्कूल के भवन निर्माण की मांग को लेकर प्रस्तावित भूख हड़ताल स्थागित

जबलपुर दर्पण नारायणगंज। सन् 2002 से तहसील नारायणगंज में सिविल कोर्ट एस.डी.एम. कोर्ट उप-पंजीयक कोषालय नोटरी की पद स्थांपना और महाविद्यालय खोलने एवं सन् 2009 से संचालित नवीन हाई स्कूदल भवन मझगांव(पोतला) निर्माण की स्वी्कृति को लेकर तहसील क्षेत्र नारायणगंज की जनता आन्दोूलित है। एक नही कई बार उक्तर मांगों को लेकर क्रमिक अनशन भूख हड़ताल नारायणगंज बन्द जैसे उग्र आन्दोलन करते आ रही है। अभी तक शासन-प्रशासन की ओर से केवल आश्वाोसन ही मिला है। स्वीकृति की बात तो कोषों दूर है। जन प्रतिनिधियों को चुनाव के समय यहां की जनता और उनकी समस्याओं की सुध आती है। चुनाव जीतने के बाद यहां के जन प्रतिनिधियों सांसद-विधायक तहसील क्षेत्र सुध नही लेते। नारायणगंज के विकास के मुद्दो पर यहां के सांसद-विधायक की हमेशा नजर अन्दा्ज प्रवृत्ति ही रही है। किसी जवाबदेह द्वारा यह कहना अनुचित है। आज तक अनुविभागीय दण्डाकधिकारी एवं व्यनवहार न्याकयालय निवास के आने-जाने में तहसील क्षेत्र नारायणगंज की जनता को किन-किन परेशानियों का सामना करना पड़ता है कोई भी जवाबदेह चाहे वो प्रतिनिधि हों या उच्च अधिकारी समझने की कोशिश ही नहीं की है। मांगे को लेकर सर्वदलीय विकास संघर्ष मोर्चा, तहसील क्षेत्र नारायणगंज के तत्वाहधान में 06 दिसम्बर 2021 से भूख हड़ताल की पूर्ण तैयारी थी। मोर्चा संयोजक मुल्लूर सिंह मरावी द्वारा ज्ञापन दिया जा चुका है। इन सबके बावजूद करोना बीमारी की तीसरी लहर ओमिक्रान के चलते कार्यपालिक/अनुविभागीय दण्डा धिकारी महोदय द्वारा लोकहित में भूख हड़ताल जैसे जन आन्दोपलन की स्वीकृति नही मिलने के कारण भूख हड़ताल का कार्यक्रम स्थगित करना पड़ रहा है। परंतु हमारी मांगे यथावत है और करोना बीमारी की तीसरी लहर समाप्त होते ही उक्तत मांगे पूरी नही होने पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में बैठेगें।



