रेवड़ी की तरह बट रहे जिले की ग्राम पंचायतों में सचिव पद के प्रभार

कई ग्राम पंचायतों में सचिवों का इंतजार और कई सचिवों के पास अतिरिक्त प्रभार
पन्ना। इन दिनों पन्ना जिले की जनपद पंचायतो की ग्राम पंचायतों में जिम्मेदार विभाग मनमर्जी करने में उतारू हो चला है।सूत्रों की यदि माने तो जिला पंचायत के एक साहब पूरे जिले की जनपद पंचायत के आने वाली ग्राम पंचायतों के कार्यो से लेकर सचिवों की नियुक्तियां तक अपनी मनमर्जी से कर रहे हैं आलम यह है यदि साहब के चहेतो के द्वारा ग्राम पंचायतों में हुए भ्रष्टाचार की शिकायते यदि कोई ग्रामीण कितनी बार भी कर दे लेकिन कार्यवाही तो दूर की बाद भ्रष्टाचार की जांच भी तभी होगी जब साहब की मर्जी होगी।
पंचायत विभाग में इस कदर मनमर्जी चल रही है कि एक सचिब के पास 2 से तीन पंचायतों का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया तो वही कई पंचायतों में सचिवों की नियुक्तियां तक नही कर रहे। जिसके चलते ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्य तो प्रभावित होते ही है साथ ही ग्रामीणों के होने वाले कार्य भी प्रभावित होते हैं।जिले के मुखिया से समाजसेवियों की मांग है जिन पंचायतो में सचिब नही है वहाँ सचिवों की नियुक्तियां करवाई जाए जिससे कि ग्रामीणों को शाशन की योजनाओं का लाभ मिल सके।


