जीव को सीधे भगवान से जोडते है सद्गुरू:स्वामी श्रीश्यामदेवाचार्य

जबलपुर दर्पण। अंतस जगत के दर्शन करने केलिए गुरू का सनिध्य होना आवश्यक है। सद्गुरूओ की तपश्चर्या का आशीर्वाद ही भक्त को प्राप्त होता है और भक्त सुमार्ग चलता है। पूज्य गुरूदेव भगवान के दर्शन और आशीर्वाद से भक्तो का कल्याण हुआ। गुरू चरणो से जुडे साधक को गुरू सीधे प्रभु चरणो से जोड देते है। भगवान जीव को मानव जीवन देते है लेकिन गुरू सन्मार्ग और दरिद्र नारायण की सेवा मे परमात्म की प्रीति जीवात्म मे प्रकट करने का कार्य सिर्फ गुरू करते है। उक्त भावुकतापूर्ण सदुपदेश नरसिंहपीठाधीश्वर स्वामी डा नरसिंह दास महाराज ,परम पूज्य दण्डी स्वामी कलिकानंदजी प्यारेनंद जी महाराज, महामंडलेश्वर श्री अखिलेश्वरानन्द जी महाराज ने नरसिंह मंदिर मे साकेतवासी जगद्गुरुदेव डा स्वामी श्रीश्याम देवाचार्य महाराज की प्रथम पुण्यतिथि पर श्रीमद्भागवत कथा, श्रीराम कथा के प्रथम दिवस पर कहे.
आज संत समागम मे स्वामी डा राधे चैतन्य जी, स्वामी रामराजाचार्य, स्वामी हनुमान दास, स्वामी बालकदास, स्वामी रामजी शरण, स्वामी राजेश दास, साध्वी मनीषादास, आचार्य अनूप देव महाराज, स्वामी बालकदास महाराज, पं लालमणि, आचार्य वासुदेव शास्त्री, आचार्य राघवेन्द्र, पं रोहित दुबे, पं रामफल प्यासी, आचार्य अरूणेश शास्त्री, पं देवेन्द्र त्रिपाठी सहित संत महात्माओ का सनिध्य प्राप्त हुआ। आज नरसिंह मंदिर गुरू परिसर मे दोपहर 3 बजे से श्रीमद्भागवत महापुराण, श्रीराम कथा जगद्गुरु विश्वेश्वप्रपानाचार्य जी महाराज (अयोध्या), जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामस्वरूपचार्य जी महाराज (कामदगिरी चित्रकूट) के मुखारविंद से अमृत प्रवचन होगे। शोभायात्रा व प्रथम दिवस आनंद राव, सुरेंद्र सिंह, श्याम साहनी, अशोक मनोध्याय, चंद्र कुमार भनोत, शरद अग्रवाल, गुलशन राय, रमेश शर्मा, संजय भाटिया, विध्येश भापकर, डा संदीप मिश्रा, लोकराम कोरी, मुन्ना पांडे, डा हितेश अग्रवाल, उमा ठाकुर, संध्या दुबे, वीणा तिवारी, शिवकली मालवीय, रामलाल रजक, रमेश पाठक, राहुल शुक्ल, मोहित, संजय शास्त्री, संदीप शास्त्री, राम जी, प्रवीण चतुर्वेदी, अमित सहित वैदिक आचार्यो, श्रृध्दालुओ के साथ भारत के कौने कौने से आये भक्तो की उपस्थिति रही।



