मध्य प्रदेशसिवनी दर्पण
रायखेड़ा के ग्राम वासियों का आदिवासी महा पंचायत ने किया हुक्का पानी बंद….

पत्रकारों के सवालों के जवाब से बचते नजर आए राष्ट्रीय अध्यक्ष,,
राष्ट्रीय प्रवक्ता ने दिया गोलमोल जवाब,,
सिवनी/घंसौर। अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार हर मुमकिन सुविधायें देकर लाभांवित करने का कार्य कर रही है परंतू अनुसूचित जनजाति का शोषण उन्ही के समाज के लोगों के व्दारा किया जा रहा है ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया जहां केवलारी ब्लाॅक अंतर्गत ग्राम रायखेड़ा निवासी पूर्व जनपद सदस्य एवं वर्तमान में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के संभागीय सचिव मेहरू सिंह मर्सकोले के व्दारा घंसौर के पूर्व विधायक रामगुलाम उइके पर सीधा आरोप लगाया जा रहा है कि आदिवासी महा पंचायत के कर्ताधर्ता रामगुलाम उइके एवं उनके साथियों के व्दारा आदिवासी महा पंचायत के माध्यम से धनौरा से लेकर केवलारी तक जो सामाजिक फैंसले लिए जाते हें जिसमें 11 हजार से लेकर 2 लाख तक अर्थ दण्ड की राशि होती है जिसके कारण सामाजिक मतभेद और भय का वातावरण बना हुआ है मेहरू सिंह ने आगे बताया कि जोगीलाल पिता सोम सिंह सरयाम निवासी सिरौली एवं हरिलाल पिता संतलाल उइके निवासी रायखेड़ा नें मुझे 25 हजार रूपये ब्याज पर दिए गये जिसके बदले में 6 महीने बाद 1 लाख 15 हजार रूपये देय राशि होगी जिसको लेकर मेरे व्दारा जोगीलाल सरयाम को 2 एकड़ जमीन देने बात की गई जिसकी स्टाम पेपर पर विधिवत लिखा पढ़ी भी की गई परंतू जोगीलाल ने जमीन खरीदने से मना कर दिया और बोला कि मुझे मेरे पूरे पैसे वापस चाहिए जवाब मे मेरे व्दारा कहा गया कि में धीरे धीरे आपका पैसा चुकता कर दूंगा। कुछ दिनों बाद जोगी लाल, हरि लाल एवं पीतम सिंह उइके ने राजनैतिक षड़यंत्र रचते हुए ग्राम के सामाजिक लोगों के बगैर और ना ही मुझे बताये बगैर बाहर ही बाहर आदिवासी महा पंचायत का आयोजन कर एक तरफा निर्णय लेते हुए मुझे एवं पूरे ग्राम के लोगों का रोटी – बेटी, हुक्का पानी सब बंद कर दिया गया है। गोंगपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तुलेश्वर मरकाम जोकि नेमावर मे हुए सामुहिक हत्या कांड के परिजनों से मुलाकात जा रहे थे जो कुछ देर के लिए घंसौर में रूके जहां उनसे रायखेड़ा ग्राम के आदिवासियों के साथ आदिवासी समाज के ही लोगों व्दारा किए गये अन्याय के बारे में स्थानीय पत्रकारों व्दारा सवाल किए गये लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष सवालों के जवाब से बचते नजर आये उनकी जगह उनके साथ चल रहे राष्ट्रीय प्रवक्ता ने भी गोलमोल जवाब दिया जो जनचर्चा का विषय बना हुआ है। जन चर्चा सर गर्म है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नेमावर मे आदिवासी परिवार के साथ हुए अन्याय के खिलाफ मोर्चा खोलने जा रहे हें तो क्या रायखेड़ा के आदिवासियों के साथ हुए अन्याय को देखते हुए ऐसे गैर जिम्मेदार गोंगपा के जिला अध्यक्ष रामगुलाम उइके को पद से अलग कर रायखेड़ा के आदिवासियों के साथ न्याय करेंगे या नही।



