एचडीएफसी बैंक ने जबलपुर में की फ्रॉड अवेयरनेस वर्कशॉप

नई दिल्ली। एचडीएफसी बैंक ने डिजिटल बैंकिंग जागरूकता अभियान के तहत, युवा पीढ़ी को सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग प्रैक्टिस के बारे में जरुरी कौशल और ज्ञान देने के लिए एक सिक्योर बैंकिंग वर्कशॉप का आयोजन किया।एचडीएफसी बैंक ने जबलपुर के सेंट अलॉयसियस कॉलेज में फ्रॉड अवेयरनेस वर्कशॉप आयोजित की। इस इंटरैक्टिव सेशन के माध्यम से, 130 से अधिक छात्रों और कर्मचारियों ने सेफ डिजिटल बैंकिंग प्रैक्टिसेज पर महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की, ताकि वे साइबर धोखाधड़ी का शिकार न बनें।
वर्कशॉप ने प्रासंगिक विषयों की एक पूरी श्रृंखला को कवर किया, जिससे डिजिटल सुरक्षा की व्यापक समझ मिल सकी:
- आईएफएडब्ल्यू का उद्देश्य: प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय धोखाधड़ी जागरूकता सप्ताह के मिशन/भूमिका के बारे में बताया गया, जो डिजिटल जागरूकता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण है।
- साइबर फ्रॉड अवेयरनेस: आम साइबर खतरों जैसे विशिंग, फ़िशिंग, स्मिशिंग, रिमोट डिवाइस एक्सेस, सिम स्वैप और यूपीआई धोखाधड़ी के बारे में विस्तृत चर्चा की गई। वास्तविक जीवन के उदाहरण देकर समझाया गया।
- सिक्योर नेटबैंकिंग और शॉपिंग टिप्स: इन सेशन में सुरक्षित ऑनलाइन लेनदेन के लिए सर्वोत्तम तरीकों पर प्रकाश डाला गया, जिसमें विजिल आंटी के महत्व को दर्शाया गया और सिक्योर ऑनलाइन शॉपिंग के लिए अमूल्य सुझाव दिए गए।
- बचाव के उपाय: प्रतिभागियों को गाइड किया गया था कि वे संवेदनशील जानकारी जैसे ओटीपी, सीवीवी, डेबिट/क्रेडिट कार्ड पिन और यूपीआई पिन किसी को न बताएं।
इस पर टिप्पणी करते हुए एचडीएफसी बैंक के क्रेडिट इंटेलिजेंस एंड कंट्रोल- एग्जीक्यूटिव वाईस प्रेसिडेंट श्री मनीष अग्रवाल, “आज की युवा पीढ़ी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तेजी से लेन – देन कर रही है, इसलिए उनमें धोखेबाजों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले अलग अलग तरीकों और सुरक्षित बैंकिंग प्रक्टिसेस के बारे में जागरूकता जरुरी है ताकि वे ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार न बनें। नागरिकों को किसी के साथ गोपनीय बैंकिंग डेटा साझा नहीं करना चाहिए या असत्यापित लिंक्स पर क्लिक नहीं करना चाहिए। इस सेशन का उद्देश्य प्रतिभागियों के मन में कम उम्र में ही सेफ बैंकिंग का आदत डालना था।”
चालू वित्तीय वर्ष (वित्तीय वर्ष 24) में, एचडीएफसी बैंक ने पूरे भारत में 6,200 से अधिक ऐसे सेशन आयोजित किए हैं और समाज के विभिन्न वर्गों के 79,000 से अधिक प्रतिभागियों तक पहुंचा है। इन वर्कशॉप का उद्देश्य स्कूलों, कॉलेजों, ग्राहकों, लॉ इन्फोर्समेंट एजेंसियों, वरिष्ठ नागरिकों, स्वयं सहायता समूहों, शिक्षण संस्थानों, विक्रेताओं, पार्टनर्स और कर्मचारियों को शिक्षित करना है। बैंक अपने ग्राहकों को डिजिटल लेन – देन करते समय सावधानी बरतने और सुरक्षित बैंकिंग आदतों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करता है। साथ ही, किसी के साथ भी अपनी गोपनीय बैंकिंग जानकारी साझा करने से बचें। यदि कोई ग्राहक धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो उन्हें तुरंत अपनी संबंधित शाखा से संपर्क करना चाहिए और 1930 (राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल द्वारा हेल्पलाइन नंबर) पर कॉल करना चाहिए।



