एसआईआर फार्म जमा कराने की फरियाद

सीधी जबलपुर दर्पण । कलेक्टर की जन सुनवाई में एसआईआर फार्म जमा कराने की फरियाद लगाते हुए 9 दिसंबर 2025 को आवेदन दिया गया है। आवेदन में तहसील मड़वास के हड़वार, पोंड़ी जोड़ौरी निवासी रामानंद तिवारी, गायत्री तिवारी, रूपचंद्र तिवारी, शिल्पा तिवारी ने कहा है कि निर्वाचन संबंधित एसआईआर बीएलओ द्वारा नहीं लिया जा रहा है। फरियाद में कहा गया है कि वर्ष 2003 तक रामानंद पिता रामबहोर, गायत्री पति रामानंद ग्राम पोंड़ी मकान संख्या 23, विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 76 धौहनी, भाग संख्या 21, क्रम संख्या 489 एवं क्रम संख्या 181 पर दर्ज है। परंतु पिछले मतदाता सूची में रामानंद के स्थान में राम आनंद तिवारी दर्ज हो गया। जिसकी सुधार प्रक्रिया के लिए विगत 21 नवंबर 2017 को बीएलओ को फार्म 8 नाम सुधार के लिए दिया गया था। जिसमें आवेदन का निराकरण यह कह कर उल्लेख किया गया कि पूर्व गृह ग्राम पोंड़ी के मतदाता सूची के सरल क्रमांक 581 पर रामानंद पिता रामबहोर दर्ज है। इस तरह एक ही पिता के एक ही नाम के दो मतदाता दर्ज हो गए। जबकि इसके पूर्व की मतदाता सूची में मतदाता क्रमांक 425 रामनिवास पिता रामबहोर तथा 426 रामलली पति रामनिवास दर्ज अभिलेख है। इसी वजह से नाम सुधार का आवेदन दिया गया था। जिसमें सुधार नहीं किया गया। अभी एसआईआर का फार्म भरकर सही नाम दर्ज कराने का अवसर मिला था। वर्तमान बीएलओ त्रंबकेश नंदन शुक्ला हड़वार को एसआईआर देने का प्रयास किया गया किंतु उनके द्वारा नहीं लिया जा रहा है।
सोशल मीडिया में वायरल हुआ ऑडियो-कलेक्टर के पास जनसुनवाई में शिकायत लेकर पहुंचे पीड़ितों ने बीएलओ द्वारा फोन पर दी गई गाली का ऑडियो भी पेश किया गया है। आरोप है कि जब बीएलओ से मोबाइल फोन पर संपर्क कर कहा गया कि हमारे यहां एसआईआर की जानकारी लेने कोई नहीं पहुंचा तो तो उन्होंने पहले तक यह कहा कि गए थे, बाद में यह बोले कि हम तुम्हारे नौकर नहीं हैं, और इस दौरान अश्लील शब्दों का प्रयोग करते हुए बीएलओ द्वारा गाली गलौज भी किया गया है, जो पीड़ित आवेदक द्वारा बतौर साक्ष्य प्रस्तुत भी किया गया है। बात दे कि ग्रामीण क्षेत्रों के साथ साथ शहरी क्षेत्रों में भी कुछ बीएलओ द्वारा अपने कार्य के प्रति लापरवाही बरतने की बात सामने आ चुकी है। खास बात यह है कि अगर बीएलओ द्वारा सही ढंग से एसआईआर की प्रक्रिया पूर्ण नहीं की गई तो सरकार जिस उद्देश्य से कार्य शुरू की है उसका उद्देश्य सफल नहीं हो पाएगा।



