15 लाख से ज्यादा के भरे गए फर्जी मस्टर रोल, रोजगार के लिए ग्रामीण परेशान

सीधी जबलपुर दर्पण। जनपद पंचायत मझौली अंतर्गत कई ग्राम पंचायतों में महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना की स्थिति देसी कहावत जैसी है कि “बाड़ी ही खेत खाने लगी” क्योंकि जिन्हें योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी दी गई है वही योजना को पलीता लगा रहे हैं और फर्जीवाड़ा की हदें पार कर रहे हैं जिसका ताजा मामला ग्राम पंचायत मझिगवां का देखा जा सकता है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत में रोजगार गारंटी योजना के तहत खेत तालाब निर्माण के हितग्राही पूरन दास साहू, सुखसेन उपाध्याय,राधा मिश्रा, सिया कुमारी मिश्रा, प्रदीप पांडे, पंकज पांडे,अजय सिंह के खेत में निर्माण कार्य कराए जाने के नाम पर एवं पार्कोलेशन टैंक निर्माण आराजी नंबर 678 शासकीय भूमि मझिगवां व पार्कोलेशन टैंक निर्माण कुलहरिया नाला चमरौंही आदि। उक्त कार्यों के नाम पर लगभग 6846 कार्य दिवस के मान से 15 लाख 38253 रु की मजदूरी भुगतान फर्जी मस्टर रोल के जरिए किया गया है जबकि जरूरत मंद ग्रामीण रोजगार के लिए परेशान हो रहे हैं जिनका कहना है कि ग्राम पंचायत में जेसीबी मशीन से निर्माण कार्य कराए जाते हैं और अपने विश्वसनीय लोगों के नाम से सरपंच, सचिव एवं रोजगार सहायक के द्वारा फर्जी मस्टर रोल के जरिए मजदूरी आहरण कर बंदर बांट किया जाता है। पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से की है।
गत वर्ष भी फर्जीवाड़ा का हुआ था खेल – सूत्रों के मुताबिक गत वर्ष 2024 में भी नवीन तालाब निर्माण जकीरा टोला मझिगवां के नाम पर 4905 कार्य दिवस के अनुपात से 1165998 रुपए मजदूरी भुगतान किया गया एवं तालाब विस्तारीकरण कोलान बस्ती उत्तर टोला मझिगवां के नाम पर 1092 कार्य दिवस के औसत से 347 274 रुपए की मजदूरी भुगतान फर्जी मस्टर रोल के जरिए की गई है जबकि पूरा काम जेसीबी मशीन से कराया गया है।
पुलिया निर्माण के नाम पर जारी है फर्जी मस्टर रोल -इतना ही नहीं मझिगवां से समदा पहुंच मार्ग में सुखनरा नाला में पुलिया निर्माण के नाम पर फर्जी मस्टर रोल भरे जा रहे हैं जबकि निर्माण कार्य अपने आप बयां कर रहा है कि चार माह पूर्व से बंद है।
सवालों के घेरे में उपयंत्री की भूमिका -सबसे बड़ा सवाल निर्माण कार्य को सत्यापन करने वाले कर्मचारी उपयंत्री के ऊपर उठता है क्योंकि जिसे रोजगार गारंटी योजना के दिशा निर्देश एवं उद्देश्य की जानकारी है कि यह योजना रोजगार मूलक है जिसमें ग्रामीणों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार प्राप्त हो सके लेकिन जब निर्माण कार्य मशीनरी से कराए जा रहे हैं जो स्वयं बयां कर रहे हैं फिर भी उपयंत्री के द्वारा आंख मूंद कर कार्य का सत्यापन कर दिया जाता है और मस्टर रोल का भी सत्यापन किया जाता है जिस पर सवाल उठना स्वाभाविक है। ग्रामीणों का सीधा आरोप भी है कि उपयंत्री के ही मिली भगत से पूरे फर्जीवाड़ा को अंजाम दिया जाता है।



