कहीं भी खड़े हो जाते हैं यातायात के साहब, निर्धारित नहीं है चैकिंग प्वाइंट

डिंडोरी, जबलपुर दर्पण ब्यूरो। नगर मुख्यालय में वैसे तो यातायात संभालने जैसी स्थितियां कभी बनती ही नहीं, यहीं कारण होगा कि यातायात के पुलिस कर्मी ज्यादातर समय वाहनों के दस्तावेज सहित सभी प्रमुख छोटे बड़े वाहनों की चैकिंग में दे रहे हैं। गौरतलब है कि जिला मुख्यालय के अन्दर आने वाले विभिन्न मार्गो पर आए दिन यातायात पुलिसकर्मी बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के असुरक्षित खड़े होकर वाहनों को रोकते हुए नजर आते हैं। देखा जा रहा है कि चेकिंग करते समय यातायात कर्मियों द्वारा पुलिस बैरिकेडिंग नहीं लगाए जा रहे, जिससे कभी भी अप्रिय घटना होने की स्थिति बन रही है। बिना सुरक्षा व्यवस्था के वाहनों को रोकना सुरक्षा के लिहाज यातायात पुलिसकर्मियों के लिए ठीक नहीं है। जानकारी अनुसार जिले भर में चल रहे सवारी वाहनों में ओवरलोडिंग बेलगाम है, सवारी वाहनों में लोगों की जान जोखिम में डाल कर सफर करवाई जा रही है, जिससे दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। सूत्रों की मानें तो ओवरलोडिंग वाहनों की चैकिंग केवल खानापूर्ति के लिए की जा रही है, कारण की साहबों के पास महिने का कमिशन फिक्स है। नाम न छापने की शर्त पर ऑटो चालकों ने बताया कि हर-महीने यातायात कर्मी पैसे की वसूली करते हैं, जिस कारण आटो चालक धड़ल्ले से ओवरलोडिंग करके वाहनों को दौड़ाते नजर आ रहे हैं। अगर देखा जाए तो यातायात पुलिस रसूखदार लोग, राजनीति में सक्रिय कार्यकर्ता, पत्रकार, सरकारी कर्मचारियों के वाहनों को नहीं रोकते, ऐसे लोग अपनी धोंश जमाकर, नेताओं का डर दिखाकर न तो वाहनों की चैकिंग करवाते और न ही वाहनों के दस्तावेज दिखाना मुनासिब समझते। वाहनों की चैकिंग के दौरान आम आदमी, मध्यमवर्गीय लोग सहित दूसरे जिलों से गुजर रहे अन्य वाहन चालक होते हैं, जिन्हें आए दिन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक राज्य से दूसरे राज्यों तक चलने वाले वाहन चालक भी इस बात को मान रहे हैं कि सबसे ज्यादा वाहनों की चेकिंग आदिवासी बाहुल्य जिला डिंडोरी में ही देखने को मिलती है, आरोपों के मुताबिक जिम्मेदार लोग चैकिंग के नाम पर अवैध वसूली करते हैं।



