शौचालय विहीन महाविद्यालय,डेढ़ साल से अधर में लटका निर्माण कार्य

सीधी जबलपुर दर्पण । सीधी जिले के कुसमी क्षेत्र में स्थित एकमात्र महाविद्यालय, जो 50 गांवों के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा का केंद्र है, वहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव छात्रों खासकर छात्राओं के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। कॉलेज में करीब 350 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन बीते डेढ़ वर्ष से शौचालय निर्माण अधूरा पड़ा है।
सरकार द्वारा शौचालय निर्माण और पेयजल व्यवस्था की मरम्मत के लिए बजट जारी किया गया था। जिम्मेदारी एक ठेकेदार को दी गई, लेकिन अब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। स्थिति यह है कि पुराने शौचालय को तोड़कर अधूरा छोड़ दिया गया और पीने के पानी के नल को भी उखाड़ दिया गया, जिससे शिक्षकों और छात्रों को भारी असुविधा हो रही है।
छात्रा रश्मि सिंह ने बताया, “हम लड़कियों को पढ़ाई और परीक्षा के लिए कॉलेज आना पड़ता है, लेकिन शौचालय नहीं होने के कारण डर और असहजता बनी रहती है। कई बार हमें आसपास के खेतों का सहारा लेना पड़ता है जो बेहद शर्मनाक है।”
कॉलेज के प्राचार्य नजर अली ने बताया कि अधूरी निर्माण प्रक्रिया को लेकर वे कई बार ठेकेदार से बात कर चुके हैं और विभागीय अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है। “हमारी सबसे बड़ी चिंता छात्र-छात्राओं की सुविधा है, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही से काम आज तक अधूरा है,” उन्होंने कहा।
इस गंभीर समस्या को संज्ञान में लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी (SDM) आरपी त्रिपाठी ने कहा कि छात्र-छात्राओं की समस्या को गंभीरता से लिया गया है। “हम मामले की जांच कर रहे हैं और ठेकेदार को निर्देशित किया जाएगा कि जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूर्ण किया जाए। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी,” उन्होंने आश्वासन दिया।
गौरतलब है कि जिस संस्थान में सैकड़ों छात्र-छात्राएं भविष्य संवारने आते हैं, वहां मूलभूत सुविधाओं की कमी शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो यह शिक्षा के स्तर को प्रभावित कर सकता है।



