धरती पर आक्रोश, सड़क पर आंदोलन: ट्रैक्टर हादसे के बाद ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

सीधी जबलपुर दर्पण । सीधी जिले के कुसमी ग्राम पंचायत भवन के पास रविवार रात एक बड़ा हादसा उस वक्त हो गया जब खेत जोतकर लौट रहा एक ट्रैक्टर खराब सड़क के कारण अनियंत्रित होकर पलट गया। इस दुर्घटना में चालक गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि एक अन्य व्यक्ति को भी अंदरूनी चोटें आईं हैं। हादसे के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और वे रविवार रात 10 बजे से लगातार धरने पर बैठे हुए हैं। सोमवार सुबह तक 12 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद न तो सरपंच मौके पर पहुंची और न ही सचिव ने कोई संज्ञान लिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि यह सड़क वर्षों से जर्जर हालत में है, इसके लिए कई बार सरपंच चंद्रावती और सचिव विपिन सिंह बघेल से गुहार लगाई गई लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। गांव के ही निवासी रेवती सिंह मरावी ने बताया कि यह सड़क स्वीकृत हो चुकी है, लेकिन इसके निर्माण को लेकर सरपंच और सचिव की घोर लापरवाही के चलते काम शुरू नहीं हो सका है।
ट्रैक्टर मालिक राकेश सिंह मरावी ने बताया कि प्रस्ताव पास होने के बावजूद सरपंच और सचिव की मिलीभगत से सड़क निर्माण की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जा रहा। उन्होंने यह भी बताया कि हादसे की जानकारी मिलते ही उन्होंने दोनों को फोन किया, लेकिन न ही सरपंच ने जवाब दिया, न ही सचिव ने कॉल रिसीव किया। हैरानी की बात तो यह है कि सरपंच चंद्रावती का निवास स्थल हादसे से महज आधे किलोमीटर की दूरी पर है, लेकिन इसके बावजूद वह बाहर नहीं निकलीं।
ग्रामीणों ने प्रशासन पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि 12 घंटे से अधिक समय तक सड़क पर लगातार प्रदर्शन करने के बावजूद कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। इस लापरवाही और अनदेखी से आक्रोशित ग्रामीण अब वृहद आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं।
जब इस पूरे मामले को लेकर जनपद पंचायत कुसमी के सीईओ ज्ञानेंद्र मिश्रा से बात की गई तो उन्होंने अनभिज्ञता जताई और जांच का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यदि सड़क का प्रस्ताव स्वीकृत है, तो सचिव से जानकारी लेकर उचित कार्यवाही की जाएगी।
फिलहाल गांव में आक्रोश की लहर है और ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा।



