नई दिल्ली

राष्ट्रीय चिन्ह का अपमान करने वाले दोषियों पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा करे सरकार

नई दिल्ली जबलपुर दर्पण । भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं महंत गुरुजी राजू चंदेल ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि”श्रीनगर के हजरतबल दरगाह में लगे हमारे राष्ट्रीय प्रतीक अशोक चिन्ह का अपमान और तोड़फोड़ एक गम्भीर, निंदनीय और अस्वीकार्य अपराध है। यह कृत्य कश्मीर के उन कट्टरपंथी तत्वों का परिचायक है, जो हमारे देश की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक गौरव को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जम्मू-कश्मीर में सक्रिय कुछ राजनीतिक दल, विशेषतः नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी), जो अपने संकीर्ण राजनीतिक और क्षेत्रीय एजेंडे के कारण क्षेत्र की शांति और स्थिरता को कमजोर कर रहे हैं, ऐसे खतरनाक तत्वों के हौसले बढ़ाने का काम भी कर रहे हैं ऐसा लगता है कि कट्टरपंथी अलगवादी ताकते फिर से सर उठाने की हिमाकत कर रही हैं यह सब मौजूदा सरकार की कर परस्त में चल रहा है जो की पाकिस्तान के एजेंट को आगे बढ़ने का कार्य कर रहे हैं यह कट्टरपंथी महंत चंदेल ने कहा कि इन अलगवाड़ी कट्टरपंथियों का सर कुचलना के लिए हमारे देश के गौरवशाली गृहमंत्री अमित शाह ने पूरी तरह अलगवादी ताकतों को कुचलकर रख दिया था परंतु मौजूदा सरकार की शह पर यह अलगवाड़ी ताकते फिर सर उठाने लगी हैं जिन लोगों ने राष्ट्रीय चिन्ह का सार्वजनिक रूप से अपमान किया है उसे तोड़ कर अपनी मौजूदगी का एहसास कराया है अब जरूरत आन पड़ी है कि इन लोगों को चिन्हित कर कर इन्हें पाकिस्तान भेजा जाए या राष्ट्र द्रोह का मुकदमा कायम कर इन पर इन्हें दिल्ली की तिहाड़ जेल भेजा जाए जिससे कि उनकी आने वाली नस्ल कभी भी सर न उठा सकेमहंत चंदेल ने कहा कि एनसी सरकार की गलत नीतियां आम जनता की दिक्कतों को बढ़ावा देने के साथ-साथ सामाजिक और धार्मिक तनाव को और उभारने का कारण बनी हैं। इससे कट्टरपंथी ताकतों को बल प्राप्त हुआ है, जिसका रिजल्ट राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान और सांप्रदायिक सौहार्द्र को बिगाड़ने वाले कृत्यों के रूप में सामने आया है। यह अफसोसजनक है कि इस तरह की घटनाएं घाटी में सामाजिक सद्भाव को खतरे में डाल रही हैं।इस मौके पर महंत शिवम गुरुजी ने इस घृणित कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह तथा उपराज्यपाल मनोज सिन्हा जम्मू कश्मीर पुलिस प्रशासन से इन कट्टरपंथी अलगाववादियों पर कठोर और प्रभावी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि पूरा देश चाहता है कि दोषियों को कानूनी रूप से कड़ी सजा दी जाए ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह के अपमानजनक कृत्यों को करने से पहले सौ बार सोचें।

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