शासकीय कार्यालय बनाने हेतु जमीन तलाश रहे अधिकारी, पट्टेधारी काम्प्लेक्स बनांकर बेंच रहे करोड़ो में दुकानें।

पांढुरना जबलपुर दर्पण जिला कलेक्टर कार्यालय भवन निर्माण विषय पर शहर में कांग्रेस पार्टी ने धरना आंदोलन के माध्यम से जिला प्रशासन के अधिकारी जिला कलेक्टर को जमकर चेताया है कि कलेक्टर कार्यालय भवन निर्माण की जगह का निर्णय नहीं बदला तो जमीन पर उग्र आंदोलन, विधानसभा में सरकार को घेरेंगे और हाईकोर्ट में याचिका दर्ज कर लोक हित में लड़ाई लड़ेगे। परन्तु दूसरी और देखा जाए तो विगत पांच दशकों पूर्व पांढुरना शहर को विकास की गति से जोड़ने शासन ने शहर की नजूल रिक्त भूमि पर बहार से आए शरणार्थियों को रहने आवासीय मद में राजस्व रिकार्ड में लगभग 20×15,300 वर्ग फिट, ओर 30×20,1500 वर्ग फिट की रिक्त भूमि पर प्लाट 30 वर्ष से 99 वर्ष के लिए पट्टे का आवंटन किया था।शहर के बस स्टैंड क्षेत्र का नजूल रकबा देखा जाए तो लगभग 60 हेक्टर नजूल की जमीन पर रसूखदारों का वर्तमान में कब्जा है। इतना ही नहीं शासकीय तहसील कार्यालय के रिकार्ड में एक ही परिवार के नाम तीन से चार शासकीय नजूल पट्टे की भूमि दर्ज है। खास बात तो यह है की शासन की नजूल भूमि पर काबिज कुछ ऐसे पट्टाधारक है। जिनकी लिज नियमों के तहत समाप्त हो गई है। फिर भी दबंग रसूूूखदारो का कब्जा बरकरार है। वर्षों से जमे एसडीएम और तहसील कार्यालय के बाबू अब कलेक्टर कार्यालय में अपना डेरा जमाकर बैठे है। इन पट्टा-धारियों को इन बाबू का संरक्षण प्राप्त है। देखा जाए तो इन रसूखदार पट्टे-धारियों का आवंटन की प्रक्रिया को शासन के तय मापदंडों नियमों के मुताबिक रिन्यूअल करने की प्रक्रिया को आसानी से उनके नाम पर किया गया है?शहर के भू-माफियाओ पर कमलनाथ सरकार ने कार्यवाही का प्रतिवेदन प्रति-दिन कार्यालय में जमा करने के निर्देश दिए थे। परन्तु माफिया दमन-दल की भूमिका भू-माफिया के सामने नतमस्तक रही थी। इस बीच पूर्व में कुछ दलालो ने बस्टेण्ड क्षेत्र की नजूल लिज की भूमि पर आज भी ऐसे बड़े भू-माफियाओ का राज है। जो बैगर रिनिवल अवैध कब्जा कर राजस्व रिकार्ड में दर्ज वर्ग फिट से अधिक करोड़ो की जमीन पर अतिक्रम कर अपना कब्जा कर बैठे है। दूसरी ओर देखा जाए तो पांढुरना जिला बना है। और विभिन्न शासकीय कार्यालयों को शासन की जमीन की जरूरत है। जो अधिकारी जमीन के लिए दर-दर भटक रहे है यह कहावत चरितार्थ हो रही है की बगल में छुरी और शहर में डिंडोरा। जिले के कलेक्टर कार्यालय भवन निर्माण के अलावा शासकीय सबंधित दर्जनों कार्यालय का निर्माण हेतु रिक्त भूमि की तलाश जारी है। जहा इन सभी सबंधित कार्यालयों का निर्माण आगामी दिनों होना प्रस्तावित है।



