पांढुर्णा पुलिस ने मोहि मार्ग पर 13 मवेशी बचाए

पांढुरना जबलपुर दर्पण । पांढुरना जिला महाराष्ट की सीमा से लगा होने से पांढुरना क्षेत्र की मार्गो से बड़े पैमाने पे तस्करी का खेल संचालित होता है,जिसके चलते मध्यप्रदेश के पांढुरना जिले को अवैध गतिविधि की तस्करी का गढ़ के नाम से जिले की प्रसिद्धि बढ़ रही है। जिसको लेकर मध्यप्रदेश सरकार एवम महाराष्ट्र सरकार ने पांढुरना महाराष्ट की सीमा की सख्त निगरानी करवानी चाहिए। परन्तु सरकार ही प्रति छपती खबरों को नजर अंदाज कर सीमा पर बढ़ती तस्करी को लेकर मौन है। जिज़के चलते दोनों राज्यो को राजस्व का बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है। इस तस्करी में पांढुरना सीमा से सबसे बड़े पैमाने पर पशुओं की दिन रात तस्करी संचालित है, जिसके चलते प्रतिदिन सैकड़ो गौ वंश के पशुओं खुले आम कत्लखानों तक पहुचाया जा रहा है। जब कि दोनों राज्यो में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है, उसके बावजुद इस बेजुबाद पशुओं की खुले आम तस्करी कर कत्लखानों तक पहुचाया जा रहा है।
पांढुरना पुलिस को मंगलवार को मिली सफलता:- पांढुरना पुलिस ने मंगलवार तड़के बड़ी कार्यवाही करते हुए कत्लखाने ले जाए जा रहे 13 मवेशियों को बचाया। यह घटना पांढुरना तहसील के मोहि मार्ग पर हुई, जहां पुलिस ने घेराबंदी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। जिसमे गौतम गोलियत पिता शंकर गोलियत उम्र 45वर्ष देवनाला और दूसरा राहुल पिता आशुराम तुड़ाम उम्र 35वर्ष देवनाला निवासी को बेररहमी से पशुओं को हांकते हुए, महाराष्ट की और ले जाते पाया गया।
उपनिरीक्षक शिवपाल सरेआम के अनुसार, उन्हें मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग पैदल मवेशियों को महाराष्ट्र के कत्लखाने ले जा रहे हैं। इस सूचना के आधार पर आरक्षक पुष्पेंद्र सिंह, अशोक हरसुले और शिवकुमार जाट की टीम ने अल सुबह 4 बजे मौके पर घेराबंदी की।घेराबंदी के दौरान दो तस्कर भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें 13 गोवंश के साथ पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे इन बैलों को पांढुरना से महाराष्ट्र के वरुड ले जा रहे थे। पुलिस ने सभी बैलों को जब्त कर कोलीखापा गौशाला भेज दिया है। गिरफ्तार किए गए दोनों तस्करों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।पांढुरना पुलिस को मंगलवार को मिली सफलता:- पांढुरना पुलिस ने मंगलवार तड़के बड़ी कार्यवाही करते हुए कत्लखाने ले जाए जा रहे 13 मवेशियों को बचाया। यह घटना पांढुरना तहसील के मोहि मार्ग पर हुई, जहां पुलिस ने घेराबंदी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। जिसमे गौतम गोलियत पिता शंकर गोलियत उम्र 45वर्ष देवनाला और दूसरा राहुल पिता आशुराम तुड़ाम उम्र 35वर्ष देवनाला निवासी को बेररहमी से पशुओं को हांकते हुए, महाराष्ट की और ले जाते पाया गया।
उपनिरीक्षक शिवपाल सरेआम के अनुसार, उन्हें मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग पैदल मवेशियों को महाराष्ट्र के कत्लखाने ले जा रहे हैं। इस सूचना के आधार पर आरक्षक पुष्पेंद्र सिंह, अशोक हरसुले और शिवकुमार जाट की टीम ने अल सुबह 4 बजे मौके पर घेराबंदी की।घेराबंदी के दौरान दो तस्कर भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें 13 गोवंश के साथ पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे इन बैलों को पांढुरना से महाराष्ट्र के वरुड ले जा रहे थे। पुलिस ने सभी बैलों को जब्त कर कोलीखापा गौशाला भेज दिया है। गिरफ्तार किए गए दोनों तस्करों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।



