दुर्घटनाग्रस्त महिला के लिए ‘देवदूत’ बनी ढीमरखेड़ा पुलिस

ढीमरखेड़ा जबलपुर दर्पण । कभी-कभी वर्दी के भीतर छिपी मानवता किसी देवदूत की तरह प्रकट हो जाती है। ऐसा ही हृदयस्पर्शी दृश्य उस समय देखने को मिला जब बहोरीबंद–बाकल रोड पर दुर्घटनाग्रस्त एक महिला की गंभीर पीड़ा देखकर कटनी पुलिस ने संवेदना और सेवा की एक मिसाल पेश की, जिससे राहगीरों की उदासीनता के बीच ‘खाकी’ का मानवीय चेहरा सामने आया।
घटना गुरुवार को बहोरीबंद पेट्रोल पंप के पास हुई। रैपुरा बघवार निवासी चंद्रभान कोरी अपनी पत्नी मायाबाई कोरी और दो नन्हें बच्चों के साथ मोटरसाइकिल से जबलपुर के बिलगवां जा रहे थे। रास्ते में अचानक उनकी बाइक फिसल गई, जिससे मायाबाई सड़क पर गिर पड़ीं। इस दुर्घटना में उनके सिर पर गंभीर चोट लगी और वह अचेत हो गईं। पति चंद्रभान ने तत्काल राहगीरों से मदद मांगी, लेकिन दुखद रूप से कोई भी ठहर कर उनकी सहायता के लिए आगे नहीं आया।
ऐसे संकट के क्षण में, जैसे किस्मत ने करवट ली। ढीमरखेड़ा थाना में पदस्थ एएसआई विजेन्द्र तिवारी अपने साथियों — अशोक, आसुतोष, दीपक, सचिन, नीरज, अरुण और आशीष — के साथ वज्रवाहन में गश्त से लौट रहे थे। पुलिस की टोली ने घायल महिला और उनके परेशान पति को देखकर तुरंत वाहन रोका। बिना समय गंवाए, एएसआई विजेन्द्र तिवारी और उनके साथी तत्परता से उतरे और घायल मायाबाई को गोद में उठाकर अपने वाहन में बैठाया।
पुलिसकर्मियों की तत्परता और संवेदनशीलता के कारण महिला को कुछ ही पलों में सुरक्षित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहोरीबंद पहुँचा दिया गया। वहाँ डॉक्टरों ने उनका तत्काल उपचार शुरू किया। समय पर मिली मदद ने महिला की जान बचा ली। पुलिस के इस त्वरित और मानवीय कार्य की स्थानीय लोगों ने खूब सराहना की है।



