आदिवासी बालक छात्रावास मड़वास की मनमानी पर नहीं लग रहा विराम

सीधी जबलपुर दर्पण । जिले के जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत संचालित छात्रावासों की व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है, जहां से शिकायतें आ रही है उस पर कार्यवाही की जहमत भी जिले के जिम्मेवार अधिकारी नहीं उठा पा रहे हैं।
जिसका सबसे बड़ा जीता जागता उदाहरण सीधी जिले के तहसील मुख्यालय मड़वास में संचालित आदिवासी जूनियर बालक छात्रावास मड़वास का हैं, अधीक्षक राघवेन्द्र अहिरवार की मनमानी को लेकर छात्रावास में रहने वाले छात्रों ने कई बार स्थानीय मीडिया एवं प्रशासन से कर चुके हैं लेकिन आज तक अधीक्षक के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है।
उल्लेखनीय हैं कि आदिवासी जूनियर बालक छात्रावास मड़वास में जबसे अधीक्षक की कमान राघवेन्द्र अहिरवार को सौंपी गई है तबसे इस छात्रावास की व्यवस्था लगातार बिगड़ी जा रही है, गत माह स्थानीय मीडिया द्वारा जब छात्रावास में रहने वाले छात्रों की आवाज को बुलंद किया तो एसडीएम मझौली द्वारा जांच टीम तैयार कर निरीक्षण किया गया था, जिसमें साफ यह उल्लेख किया गया था कि अधीक्षक राघवेन्द्र अहिरवार द्वारा छात्रों को शासन से मिलने वाली मौलिक सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है, इतना ही नहीं छात्रावास में रहने वाले छात्रों का भी बयान दर्ज किया गया था, बच्चों ने अपने बयान में छात्रावास की व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल किया था, लेकिन हैरानी की बात यह है कि आज तक एसडीएम मझौली द्वारा की गई जांच पर दोषी अधीक्षक के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है। यहीं वजह है कि अधीक्षक राघवेन्द्र अहिरवार के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब वह और भी मनमानी करने पर उतारू हो चुके हैं।
सामने आया था अधीक्षक की अराजकता का वीडियो-आदिवासी जूनियर बालक छात्रावास मड़वास के अधीक्षक की अराजकता का वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें साफ दिखाई दे रहा था कि अधीक्षक राघवेन्द्र अहिरवार द्वारा छात्रों को शासन से मिलने वाला खाद्यान्न बुलेरो वाहन में भरकर बाजार में बेचने के लिए ले जाया जा रहा है। इतना ही इस मामले में मीडिया को छात्रावास में पदस्थ चपरासी ने जो बयान दिया था वह अधीक्षक की अराजकता की पुष्टि भी कर रहा था, लेकिन इतना सब कुछ उजागर होने के बाद भी अधीक्षक के खिलाफ आज तक कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है। मजे की बात यह है कि अधीक्षक राघवेन्द्र अहिरवार की अराजकता का वीडियो सामने आने के बाद विभाग द्वारा त्वरित टीम भेज कर जांच कराई गई थी और उसके बाद सभी ने चुप्पी साध ली।
कलेक्टर से न्याय की गुहार-मड़वास अंचल के समाजसेवियों एवं छात्रावास में रहने वाले छात्रों के अभिभावकों ने जनजातीय कार्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए जिले के तेज तर्रार कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी से अधीक्षक राघवेन्द्र अहिरवार की मनमानी पर अंकुश लगाने की मांग उठाई है। स्थानीय लोगों ने कहा कि जब तक कलेक्टर स्वयं रुचि नहीं लेंगे तब तक अधीक्षक की अराजकता पर अंकुश लगा पाना संभव नहीं है। इसके साथ ही पूर्व में एसडीएम मझौली द्वारा छात्रावास की जांच रिपोर्ट भी अवलोकन करने की गुहार लगाई है।



