राम नाम जपकर होता है जीवन का उद्धार: स्वामी अशोकानंद

जबलपुर दर्पण । भगवान शिव कहते है कि जो (परमात्मा) बिना पैरों के चलता है, बिना कानों के सुनता है बिना हाथों के नाना प्रकार के कर्म करता है मुख के बिना ही जगत के सारे रसों का आनंद लेता है, और बिना वाणी के सबसे सर्वश्रेष्ठ वक्ता है। हे पार्वती जिनका नाम लेकर मरते हुए प्राणी भी मोक्ष प्राप्त कर लेते हैं, वह प्रभु रघुश्रेष्ठ और चराचर जगत के स्वामी श्री राम सभी के हृदय की बात जानने वाले हैं। महाराज जी ने व्यास पीठ से राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे ।
सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने ।।
मंत्र की महिमा मे बताया कि भगवान शिव ने कहा, ” हे पार्वती !! मैं निरंतर राम नाम के पवित्र नामों का जप करता हूँ, और इस दिव्य ध्वनि में आनंद लेता हूँ । रामचन्द्र का यह पवित्र नाम भगवान विष्णु के एक हजार नाम के बराबर है। भगवान भूत-भावन स्वयं जब राम राम जपते हैं तो फिर सभी भक्तों को राम राम जप कर जीवन का उद्धार करना चाहिए
भक्ति धाम गौरी घाट मे श्रीराम कथा में तृतीय दिवस परम पूज्य स्वामी अशोकानंद जी महाराज ने भक्तिधाम गौरीघाट में कहे।
आज पूजन अर्चन महाआरती जेठानंद खत्री, विजय पंजवानी, हरि करिश्मा शर्मा,जमनादास खत्री, प्रहलाद लालवानी , प्रिंस पंजवानी, वेदांत शर्मा, जय वाशानी, उमेश पारवानी उपस्थित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तों से शास्त्रोक्त विधि व्दारा
आचार्य श्री रामफल शास्त्री, पं आशीष लालू महाराज,
पुष्पराज तिवारी ने पूजन अर्चन कराया।
भक्ति धाम गौरी घाट में अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक स्वामी अशोकानंद जी के मुखारविंद से
31 अक्टूबर से 4 नवंबर तक आयोजित श्रीराम कथा में प्रतिदिन सायं 3 बजे से श्रृद्धालुओं से उपास्थिति का आग्रह किया है। कथा में आज दीपोत्सव का आयोजन किया गया है।



