सीधी दर्पण

परसिली ग्राम पंचायत में नरेगा के अधिनियम की अवहेलना

सीधी जबलपुर दर्पण । जनपद पंचायत मझौली अंतर्गत ग्राम पंचायत परसिली में मनरेगा के एवं ग्राम पंचायत के अधिनियम तारतार हो रहे हैं।सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक ई भुगतान क्रमांक 3551 424 दिनांक 2.8.2025 बिलों की संख्या 4 भुगतान की गई राशि 324867, ई भुगतान क्रमांक 3463 134 दिनांक 9.5.25 बिलों की संख्या 6 भुगतान राशि 26870 जैसे कई विल भुगतान किए गए हैं जिनमें ज्यादातर भुगतान अर्पिता ट्रेडर्स एवं बद्री ट्रेडर्स के नाम किया गया है जबकि पंचायत दर्पण के पोर्टल में बिल फीड नहीं हैं जिससे एक तरफ जहां पारदर्शिता छिपाई गई है वहीं दूसरी तरफ किस कार्य या सामग्री के लिए भुगतान किया गया है इसकी भी जानकारी सार्वजनिक नहीं हो रही है जिससे कई सवाल खड़े होते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक यह तो बानगी है इसी तरह कई भुगतान किए गए हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक बद्री ट्रेडर्स मझौली के नाम से जो भुगतान किया गया है वह तत्कालीन सचिव विनोद कुमार गुप्ता की दुकान है जो फर्जी बिलों के सहारे लाखों का भुगतान आहरण किया है जिसमें जांच करने पर लाखों का घोटाला उजागर हो सकता है।
बिना मोहल्ला के बन गई लाखों की सड़क-नरेगा योजना से बसाहट विहीन क्षेत्र में सड़क निर्माण कराया गया है जैसे सुदूर सड़क संपर्क परसिली मुख्य रोड से सूर्या के खेत तक जिसमें लगभग 3:30 लाख रुपए मजदूरी भुगतान की गई है वहीं एक पुल बनी है एवं एक स्थान पर पुलावा भी सड़क में डाले गए हैं इतना ही नहीं इस सड़क में वीरान एवं जंगल में दो सार्वजनिक कचरा पेटी भी बनाई गई है और अब पक्की नाली निर्माण की तैयारी चल रही है। इसी तरह सुदूर सड़क संपर्क निर्माण कपिल अग्रवाल के घर से बनास नदी शांति धाम तक 21 लाख रुपए लागत से बनाई गई है जहां कोई मोहल्ला अथवा आबादी नहीं है इस सड़क में भी कई पुल का निर्माण किया गया है। छुईहाई तालाब के पास वृक्षारोपण के नाम पर भी मजदूरी भुगतान की गई है।
ग्रामीणों को नहीं दी जाती है जानकारी-ग्रामीणों के मुताबिक सरपंच सचिव द्वारा ना तो ग्राम सभा में और न ही मासिक बैठक में ग्रामीण अथवा पंचों को जानकारी नहीं दी जाती है कि कितनी राशि ग्राम विकास के लिए प्राप्त हुई है और इस राशि का कहां भुगतान अथवा उपयोग हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक नरेगा के सारे कार्य जेसीबी मशीन से कराए जाते हैं और फर्जी लोगों के नाम मस्टर रोल तैयार कर मजदूरी की राशि उनके खाते में भुगतान कर फिर बंदरबांट किया जाता है।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच एवं कार्यवाही की मांग की है।
इनका कहना हैं।
सभी योजनाओं के लिए नियम बनाए गए हैं और उसी नियम के अनुसार कार्य होना चाहिए।अगर नियम से हटकर कार्य कराया गया है अथवा भुगतान किया गया है तो आप हमें तथ्य से अवगत कराएं मैं खुद मौके पर जाकर जांच करुंगा।
धनंजय मिश्रा, अतिरिक्त सीईओ जिला पंचायत एवं प्रभारी सीईओ मझौली।

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