रोली मेमोरियल में रामकथा ज्ञान यज्ञ का पंचम दिवस

सीधी जबलपुर दर्पण । रोली मेमोरियल सीधी में आयोजित श्रीरामकथा की पंचम सन्ध्या में कथा का विस्तार करते हुए संत श्री मैथिलीशरण जी ने कहा कि भगवान श्रीराम अनंत हैं और उनके गुण, जन्म, कर्म और नाम भी अनंत हैं। जल की बूंदें और रजकण परिश्रम कर गिने जा सकते हैं, पर रघुनाथ का चरित्र अवर्णनीय है।शिव जी ने श्रीराम के कुछेक गुणों का ही पार्वती जी के समक्ष वर्णन किया जिसे सुनकर वे धन्य और कृतकृत्य हो गयीं। उनका मोह दूर हो गया और वे सच्चिदानंद प्रभु श्रीराम के प्रताप को जान गयीं। श्रीराम जी के चरित्र सुनते सुनते जो तृप्त हो जाते हैं, उन्होंने तो श्रीराम कथा का विशेष रस जाना ही नहीं। जो जीवन-मुक्त महामुनि हैं, वे तो निरन्तर भगवान के गुण सुनते रहते हैं। जो संसार रूपी सागर को पार करना चाहते हैं, उनके लिए श्रीराम जी की कथा दृढ़ नौका के समान है। श्री हरि के गुण समूह तो विषयी लोगों के लिए भी कर्णसुख देने वाले और मन को आनंदित करने वाले हैं। कथा में प्रमुख श्रोताओं के रूप में श्रीमती रीती पाठक विधायक सीधी, प्रो रुद्र प्रताप सिंह, रुद्र प्रताप सिंह बाबा, ज्ञानेंद्र द्विवेदी, रामभुवन शुक्ला, विष्णु बहादुर सिंह ठाकुर दादू, डा. लहरी सिंह, जवाहर लाल पाण्डेय आदि उपस्थित रहे। मंच का बोधगम्य संचालन डा. रामलला शर्मा द्वारा किया गया।



