नगर पालिका परिषद सीधी में बैठक के दौरान हुई हाथापाई

सीधी जबलपुर दर्पण । नगर पालिका परिषद सीधी में आज शुक्रवार को आयोजित बैठक के दौरान हाथापाई होने से नगर परिषद सीधी का सियासी पारा एक बार फिर गर्म हो गया है।
बैठक के दौरान हुई हाथापाई की मुख्य वजह आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती में फर्जीवाड़ा बताया जा रहा है। प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार उपाध्यक्ष दान बहादुर सिंह चौहान सहित कई पार्षदों द्वारा नगर पालिका परिषद सीधी में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती में मनमानी एवं उनके कार्यों की जानकारी मांगी गई, जिस पर निर्माण कमेटी सभापति आनंद बहादुर सिंह चौहान ने जानकारी देने से मना करते हुए उपाध्यक्ष पर टेबिल में रखी पानी की बोतलों से हमला कर दिया, जवाब में उपाध्यक्ष द्वारा भी उन्हीं बोतले से प्रहार किया है।
नगर पालिका परिषद में बैठक के दौरान हुई हाथापाई की खबर आग की तरह पूरे शहर में फैल गई, देखते ही देखते भारी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई, मारपीट की जानकारी मिलते ही कोतवाली थाना प्रभारी कन्हैया लाल सिंह बघेल भारी पुलिस बल के साथ नगर पालिका पहुंच गए, जहां उनके द्वारा मामले को शांत कराया गया। विवाद की जानकारी मिलने पर डीएसपी मुख्यालय अमन मिश्रा भी नगर पालिका पहुंच कर घटना की जानकारी ली है।
बताया जा रहा है कि विवाद का मुख्य कारण यह भले था लेकिन इसके पीछे की असल वजह यह है कि करीब आठ माह पूर्व अध्यक्ष एवं उनके ससुर तथा आनंद सिंह की उपस्थिति में उपाध्यक्ष कक्ष का ताला तोड़ कर उनका कक्ष खाली करा दिया गया था लेकिन माननीय न्यायालय द्वारा इसे गलत बताते हुए उपाध्यक्ष को नवीन कक्ष एलाट करने का आदेश दिया था जिसके बाद उन्हें नवीन कक्ष एलाट किया गया, और उसी का बदला लेने के लिए उन पर हमला किया गया है। इस घटना को नगर पालिका के पार्षदों ने गलत बताया है।
कोतवाली में दर्ज हुई शिकायत-उपाध्यक्ष दान बहादुर सिंह ने अपने ऊपर हमला करने की शिकायत कोतवाली में दर्ज कराई है, कोतवाली पुलिस ने उनकी शिकायत को संज्ञान में लेते हुए मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा। बता दें कि अचानक हुए हमले में उपाध्यक्ष के चेहरे पर बोतल लगने से कई जगह कट के निशान बनें है। चोट की स्थिति मेडिकल रिपोर्ट आने पर ही तय होगी। लेकिन इस घटना से एक बार फिर कांग्रेस पार्टी की जमकर किरकिरी हुई है।
अध्यक्ष के साथ कोतवाली पहुंचे सभापति-इस घटना के बाद नगर पालिका परिषद सीधी की अध्यक्ष श्रीमती काजल वर्मा एवं उनके ससुर एडवोकेट विनोद वर्मा के साथ पार्षद एवं सभापति निर्माण कमेटी आनंद बहादुर सिंह चौहान भी कोतवाली पहुंचे। कोतवाली थाना प्रभारी ने इनका पक्ष सुनने के बाद वापस भेज दिया। समाचार लिखे जाने तक दोनों पक्षों की ओर से की गई शिकायत पर कोतवाली पुलिस द्वारा क्या कार्यवाही की गई है इसकी जानकारी बाहर नहीं आ पाई।
उपाध्यक्ष ने लगाया गाली गलौच का आरोप-मीडिया से बातचीत के दौरान नगर पालिका परिषद के उपाध्यक्ष दान बहादुर सिंह ने बताया कि हमारे साथ पहले आनंद बहादुर सिंह द्वारा हाथापाई की गई फिर बैठक कक्ष में आकर उनके पुत्र विक्रम सिंह एवं दीपू सिंह के द्वारा मुझे गाली देते हुए मारना चाह रहे थे, लेकिन मौक पर मौजूद लोगों द्वारा उन्हें पकड़ लिया गया, अन्यथा वह मुझ पर हमला भी कर सकते थे।



