अंशकालीन कर्मचारियों को पूर्णकालिक करने की मांग तेज, न्यूनतम वेतन 12,500 रुपये देने की अपील

शहपुरा जबलपुर दर्पण । मध्यप्रदेश के विभिन्न शासकीय विभागों में कार्यरत अंशकालीन कर्मचारियों ने सरकार से अपने पदों को पूर्णकालिक किए जाने की मांग उठाई है। इस संबंध में प्रदेश स्तर पर ज्ञापन भी सौंपा गया है, जिसमें कर्मचारियों ने वर्षों से जारी शोषण और कम वेतन की समस्या पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि वर्ष 1998 के शासन आदेश के तहत अंशकालीन भूख एवं सफाई कर्मचारी नियुक्त किए गए थे। इन्हें उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों, हाई स्कूलों और माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्त किया गया है, जहां ये प्रतिदिन 6 घंटे से अधिक कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद इन्हें मात्र 5000 रुपए मासिक वेतन और सफाई कर्मियों को केवल 2500 रुपए दिए जा रहे हैं। कर्मचारियों ने बताया कि 20–25 वर्ष से निरंतर सेवा देने के बाद भी इनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। महंगाई बढ़ने के साथ इनके परिवारों के लिए जीवन यापन करना कठिन होता जा रहा है। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि नियमित शिक्षकों एवं अन्य कर्मचारियों की नियुक्तियाँ होने के बावजूद अंशकालीन कर्मचारियों को पूर्णकालिक करने की प्रक्रिया लंबित पड़ी है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कई बार प्राचार्य एवं अधिकारियों द्वारा इनसे अत्यधिक कार्य करवाया जाता है, जो शोषण की श्रेणी में आता हैं
अंशकालीन कर्मचारियों ने मांग की है कि उन्हें न्यूनतम 12,500 रुपये मासिक वेतन दिया जाए और जल्द से जल्द पूर्णकालिक कर नियमित सेवा में शामिल किया जाए। उनका कहना है कि वर्षों की सेवा के बाद भी सम्मानजनक आजीविका न मिलना अन्यायपूर्ण हैं



