ईओडब्ल्यू की टीमें छापा कार्रवाई से वापस लौटीं

सीधी जबलपुर दर्पण । शासकीय हाई स्कूल खोखरा के प्रभारी प्राचार्य अभिमन्यु सिंह चौहान के यहां छापामार कार्रवाई के तीसरे दिन आज ईओडब्ल्यू रीवा की टीमें वापस लौट गईं। ईओडब्ल्यू को छापामार कार्रवाई में प्रभारी प्राचार्य के यहां लगभग 5 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति मिली है। ईओडब्ल्यू ने आय से ज्यादा 5 करोड़ की संपत्ति का मूल्यांकन करने के पश्चात अब 8 दिसंबर को प्रभारी प्राचार्य के विभिन्न बैंक खातों की जांच का काम शुरू किया जाएगा। यह माना जा रहा है कि बैंक खातों में भी काफी राशि मिलेगी।
चर्चा है कि प्रभारी प्राचार्य के बैंक लाकरों की जांच का काम भी 8 दिसंबर को ईओडब्ल्यू टीम द्वारा किया जाएगा। गौरतलब है कि ईओडब्ल्यू की टीमों द्वारा प्रभारी प्राचार्य अभिमन्यु सिंह चौहान के सीधी में अमहा स्थित आलीशान दो मंजिला भवन के साथ ही उनके गृह ग्राम मड़वास स्थित मकान में भी शुक्रवार की सुबह 5 बजे एक साथ छापामार कार्रवाई शुरू की गई थी। प्रारंभिक जांच में ही प्रभारी प्राचार्य करोड़ों के आसामी निकले थे। ईओडब्ल्यू की टीमों द्वारा शुक्रवार एवं शनिवार को अपनी जांच का कार्य अनवरत रूप से जारी रखा गया था। अभिमन्यु सिंह वर्ष 1998 से शिक्षक पद पर शासकीय सेवा में हैं। इस अवधि में उनकी कुल आय 58 लाख रुपए होनी चाहिए। किंतु ईओडब्ल्यू की टीमों को प्रारंभिक जांच के दौरान ही मालूम पड़ गया था कि इनकी संपत्ति आय से कई गुना ज्यादा है। ईओडब्ल्यू की टीम को छापामार कार्रवाई के दौरान 10 चार पहिया वाहन, 4 दो पहिया वाहन, 13 लाख के जेवरात एवं विभिन्न जमीनों के दस्तावेज मिले थे। उक्त दस्तावेजों के आधार पर जब जांच का सिलसिला आगे बढ़ाया गया तो संपत्तियों का दायरा भी लगातार बढ़ता गया। लोग हैरत में पड़ गए कि शिक्षक की नौकरी करने वाला शासकीय सेवक करोड़ों का आसामी कैसे बन गया।
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कार्यवाही से धन कुबेरो की बढ़ी धड़कने
ईओडब्ल्यू रीवा की टीम द्वारा जिले के कुसमी विकासखंड अंतर्गत शासकीय हाई स्कूल खोखरा में पदस्थ प्रभारी प्राचार्य अभिमन्यु सिंह चौहान के घर की गई छापामार कार्रवाई से जिले उन धन कुबेरों की धड़कने तेज हो गई है जो अवैध रूप से करोड़ों की संपत्ति अर्जित की है। सूत्र बताते हैं कि जल्द ही सीधी जिले में फैले व्यापक भ्रष्टचार को लेकर ईओडब्ल्यू एवं लोकायुक्त द्वारा बड़ी कार्यवाही की जाएगी, जिसमें कई चेहरे बेनकाब हो सकते हैं। बता दें कि प्रभारी प्राचार्य अभिमन्यु सिंह चौहान से ज्यादा भ्रष्टाचार करने वालों की एक लंबी चौड़ी लिस्ट है, जिन पर अभी नजर नहीं पड़ रही है, कई तो यहां से लूट खसोट कर रफूचक्कर हो गए हैं और कई अभी भी अपना डेरा जमाए हुए हैं।



