बालाघाट दर्पण

सांसद भारती पारधी ने लोकसभा में बालाघाट में ‘बाघ अनुभव केंद्र’ स्थापित करने की माँग उठाई

जबलपुर दर्पण। बालाघाट कान्हा क्षेत्र के संरक्षण और विकास से जुड़े एक महत्वपूर्ण मुद्दे को आज लोकसभा में जोरदार तरीके से उठाते हुए बालाघाट-सिवनी लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती भारती पारधी ने नियम 377 के तहत सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि कान्हा राष्ट्रीय उद्यान दुनिया में बाघों और बारहसिंघा के संरक्षण का श्रेष्ठ उदाहरण है, लेकिन यहां आधुनिक शोध सुविधाओं और इंटरप्रिटेशन सेंटर की कमी महसूस की जा रही है। सांसद पारधी ने मांग की कि बालाघाट में देश का पहला अत्याधुनिक एवं विश्वस्तरीय “बाघ अनुभव केंद्र” स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह केंद्र 21वीं सदी की संरक्षण आवश्यकताओं के अनुरूप होगा और कई स्तरों पर देश को लाभ देगा। उन्होंने बताया कि यह केंद्र बाघ संरक्षण, मानव–वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर उन्नत शोध का प्रमुख संस्थान बन सकता है।अखिल भारतीय बाघ अनुमान-2026 सहित अन्य वैज्ञानिक गतिविधियों के लिए डेटा प्रबंधन और मॉनिटरिंग को सुदृढ़ करेगा। जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। सांसद पारधी ने कहा कि कान्हा प्राकृतिक विरासत का बहुमूल्य धरोहर है और यह परियोजना केवल पर्यटन नहीं, बल्कि “भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संपदा के संरक्षण में निवेश” है। उन्होंने सरकार से इस परियोजना को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया।

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