सुदर्शन वेयरहाउस नवागांव धान खरीदी केंद्र में लापरवाही उजागर

रीवा जबलपुर दर्पण । क्षेत्र के सुदर्शन वेयरहाउस एवं नवागांव धान खरीदी केंद्र में प्रशासनिक लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। किसान भारी संख्या में खरीदी केंद्र पहुँच रहे हैं और केंद्र प्रभारी उपलब्ध संसाधनों के साथ खरीदी प्रक्रिया को सुचारू रखने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन प्रबंधन स्तर पर उत्पन्न अव्यवस्थाएँ पूरे तंत्र को प्रभावित कर रही हैं।
सुदर्शन वेयरहाउस में दोबारा तौल की मजबूरी, बढ़ा प्रबंधक का खर्च
जानकारी के अनुसार, मंगावां स्थित सुदर्शन वेयरहाउस में खरीदे गए धान की बोरियों को एक बार तौलकर सिलाई कर दी जाती है, लेकिन गोदाम के व्यवस्थापक द्वारा उन्हें दुबारा तौल करवाया जा रहा है। इस दोहरी तौल प्रक्रिया से केंद्र प्रबंधक पर अतिरिक्त खर्च का बोझ पड़ रहा है।
केंद्र प्रभारी ने इस समस्या को लेकर उच्च अधिकारियों से शिकायत भी की, मगर अब तक किसी प्रकार का समाधान नहीं निकल पाया है।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि सुदर्शन वेयरहाउस कथित रूप से एक भाजपा नेता के संरक्षण में संचालित है, जिसके कारण शिकायतों के बावजूद अव्यवस्थाएँ जस की तस बनी हुई हैं।
नवागांव धान खरीदी केंद्र पर उठाव ठप, 15 हजार क्विंटल से अधिक धान जमा
नवागांव धान खरीदी केंद्र में पहली तारीख से खरीदी शुरू की गई थी। अब तक 15,000 क्विंटल से अधिक धान खरीदा जा चुका है, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से ट्रांसपोर्ट व्यवस्था पूरी तरह ठप है।
खरीदी शुरू होने के कई दिन बीत जाने के बावजूद धान उठाव के लिए एक भी ट्रक केंद्र पर नहीं पहुँचा है। जगह कम पड़ने के कारण खरीदी केंद्र के चारों ओर बोरियों के स्टैक जमा हो रहे हैं और खरीदी करने में कठिनाइयाँ बढ़ने लगी हैं।
कागजों तक सीमित प्रशासनिक व्यवस्था
किसानों का कहना है कि प्रशासन की व्यवस्थाएँ सिर्फ कागजों में अच्छी दिखती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर न तो ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था है और न ही वेयरहाउस प्रबंधन में अनुशासन।
खरीदी केंद्रों पर बढ़ती अव्यवस्था से किसान और केंद्र प्रभारी दोनों ही परेशान हैं।



