67 लाख के खाद्यान्न गबन में कलेक्टर ने तलब किए दस्तावेज

सीधी जबलपुर दर्पण । जिले के मझौली ब्लाक अंतर्गत संचालित नेबूहा कैंप में करीब ढाई वर्ष पूर्व हुए खाद्यान्न गबन के मामले को लेकर कलेक्टर ने दस्तावेज तलब कर लिया है। दस्तावेजों के जांच की जिम्मेदारी जिला पंचायत सीईओ को सौंपी गई है। कलेक्टर के निर्देश पर जिला प्रबंधक नान ने उक्त प्रकरण से संबंधित समस्त दस्तावेज सहित अपना जबाव भी प्रस्तुत कर दिया है।
गौरतलब हो कि सीधी जिले के प्रदाय केंद्र मझौली के नेबूहा कैंप में वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 में स्टॉक सत्यापन के दौरान 67 लाख रुपए का गेंहूं गायब करने का मामला सामने आया था। मप्र स्ट्रेेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन लिमिटेड मुख्यालय भोपाल के महाप्रबंधक (स्थापना) द्वारा पत्र क्रमांक/स्थापना/178336/2025/2021, दिनांक 22 अप्रैल 2025 द्वारा क्षेत्रीय प्रबंधक मप्र स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन रीवा एवं क्षेत्रीय प्रबंधक मप्र वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन लिमिटेड रीवा को आदेशित किया गया था कि सीधी जिले के प्रदाय केंद्र मझौली के नेबूहा कैंप में गेंहूं पीएसएस वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 के स्टॉक में भारी मात्रा में कमी होने पर क्षेत्रीय प्रबंधक मप्र स्टेट सिविल सप्लाइज कार्पोरेशन रीवा एवं वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन की ओर से क्षेत्रीय प्रबंधक मप्र वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन रीवा का जांच दल गठन किया जाता है। प्रकरण की जांच दल में गठित अधिकारी स्वयं अपने स्तर से करें एवं साथ ही जिला कार्यालय सीधी के केंद्र प्रभारी केपी सिंह कनिष्ट सहायक को जांच में सम्मिलित कर प्रतिवेदन 30 अप्रैल 2025 तक मुख्यालय प्रेषित करें। यही नहीं जांच करने आई क्षेत्रिय प्रबंधक की टीम ने इस मामले में जिनके ऊपर गबन का आरोप लगा है उन्हीं के साथ जांच कर मामले को रफादफा करने का प्रयास किया गया है, अब जब इस मामले को मीडिया द्वारा उजागर किया गया तो कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी स्वयं संज्ञान में लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
दर्ज हो सकती है एफआईआर
67 लाख रुपए के खाद्यान्न गबन मामले में दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश पूर्व से जारी किया जा चुका है, लेकिन जिले जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा एफआईआर दर्ज कराने के बजाय मामले में पर्दा डालने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी के संज्ञान में आने के बाद यह माना जा रहा है कि जल्द ही दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ जांच कार्यवाही तेज हो सकती है। बता दें कि इस पूरे गोलमाल में मझौली वेयर हाउस प्रबंधक सज्जन सिंह एवं नेबूहा कैंप प्रभारी अंगद तिवारी के द्वारा किए गए गबन की जांच में यह पुष्टि भी हो चुकी है, लेकिन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इस पर कार्यवाही के बजाय जानबूझकर कागजों में उलझा कर मामले को ठंडे बस्ते में डालने का षड्यंत्र रचा जा रहा है।
जांच में हुआ था खुलासा
वेयर हाउस मझौली के नेबूहा कैंप में रखे गए गेंहूं के स्टॉक में वर्ष 2021-22 के स्टॉक में 2180 बोरा बजन 1357.74 क्विंटल कम मिला। इसी तरह वर्ष 2022-23 के स्टॉक में 2976 बोरा 1546.47 क्विंटल कम मिला। इस तरह दोनो वर्ष में 1546.47 क्विंटल की भारी कमी पाई गई। जिसमें कुल राशि लगभग 67 लाख की अमानत में खयानत पाई गई है। इस मामले में दोषी कर्मियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करानें एवं कार्यवाही से मुख्यालय को भी अवगत कराने के आदेश हुए थे। हैरत की बात तो यह है कि भोपाल मुख्यालय के आदेश का पालन ढ़ाई वर्ष बाद भी सीधी जिले के जिम्मेवार अधिकारी करानें की जरूरत नहीं समझ रहे हैं।
इनका कहना है।
कलेक्टर महोदय के निर्देश पर मेरे द्वारा नबूहा कैंप में खाद्यान्न गबन संबंधी दस्तावेजो के साथ अपना पक्ष जिला पंचायत सीईओ के पास रख दिया गया हैं, आगे की जानकारी उन्हीं से मिल सकती है।
एम एल बड़ेरा, जिला प्रबंधक नान सीधी।
खाद्यान्न गबन मामले में यहां रिकार्ड आया है। इस संबंध में जानकारी अभी नहीं ली है। तत्संबंध में दिखवाता हूं कि दस्तावेज में क्या है।
शैलेन्द्र सोलंकी, सीईओ
जिला पंचायत सीधी।



