कड़ाके की ठंड में नगर निगम की अलाव व्यवस्था काग़ज़ों में दबी

कटनी दर्पण। शहर में बढ़ती कड़ाके की ठंड से आमजन बेहाल हैं, लेकिन लोगों को राहत देने के लिए की जाने वाली अलाव व्यवस्था सिर्फ कागज़ों तक ही सिमटकर रह गई है। नगर निगम कटनी द्वारा हर वर्ष मुख्य चौराहों पर अलाव जलाने की बात कही जाती है, परंतु इस बार हालात पूरी तरह अलग नजर आ रहे हैं। नगर निगम आयुक्त के निर्देशों के बावजूद मैदान स्तर पर इसका पालन होते नहीं दिख रहा। मिसिन चौक, सुभाष चौक, रेलवे स्टेशन परिसर, चांडक चौक सहित अन्य भीड़भाड़ वाले प्रमुख स्थानों पर अलाव की कोई व्यवस्था नजर नहीं आई। ठंड से ठिठुरते लोग मजबूरी में खुले आसमान के नीचे ही राहत तलाशते देखे गए। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर निगम द्वारा अलाव व्यवस्था का दायरा बढ़ाने की आवश्यकता है, लेकिन हकीकत में न तो लकड़ियों की आपूर्ति हो रही है और न ही किसी प्रकार की राहत व्यवस्था नजर आती है। इससे स्पष्ट है कि नगर निगम के आदेश और तैयारियाँ केवल फाइलों तक ही सीमित हैं। कड़ाके की ठंड में शहरवासियों को राहत देना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है, परंतु इस बार की लापरवाही सवाल खड़े कर रही है। नागरिकों ने मांग की है कि ठंड बढ़ते ही तुरंत प्रमुख स्थानों पर अलाव व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके।



