पुलिस की अनदेखी के चलते नहीं थम रहा सट्टे का अवैध कारोबार

चालान काटने तैनात,अवैध सट्टे की रोकथाम मे निष्क्रियता!
आशु खान शहपुरा। शहपुरा सहित कोहानी -देवरी, गुरैया,मानिकपुर, रेयपुरा, बरगाव -करोंदी
क्षेत्र में सट्टे का अवैध कारोबार लगातार फल-फूल रहा है। हैरानी की बात यह है कि पुलिस की कथित अनदेखी के चलते सटोरिए बेखौफ होकर अपना नेटवर्क चला रहे हैं। प्रतिबंध के बावजूद गलियों, मोहल्लों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए सट्टा खिलाया जा रहा है। समाचार प्रकाशन के माध्यम से बार बार पुलिस को सूचना देने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। सट्टे के इस अवैध धंधे में युवा वर्ग तेजी से फंसता जा रहा है, जिससे सामाजिक और आर्थिक समस्याएं बढ़ रही हैं। सूत्रों के अनुसार, सटोरिए मोबाइल फोन के माध्यम से सट्टा खिलाने का काम कर रहे हैं। रोज़ाना लाखों रुपये के लेन-देन की चर्चा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे हुए हैं। यदि समय रहते पुलिस ने सख्त कदम नहीं उठाए, तो यह अवैध धंधा और भी गंभीर रूप ले सकता है।इस अवैध धंधे की सबसे बड़ी कीमत युवा वर्ग चुका रहा है। बेरोजगार युवक सट्टे की लत में फंसकर कर्ज, अपराध और पारिवारिक कलह की ओर धकेले जा रहे हैं, लेकिन पुलिस और प्रशासन की संवेदनशीलता कहीं नजर नहीं आती।स्थानीय लोगों का आरोप है कि सट्टेबाजों को किसी का डर नहीं है। दिन-दहाड़े सट्टा खिलाया जा रहा है, मोबाइल और ऐप के जरिए लाखों रुपये का अवैध लेन-देन हो रहा है, फिर भी जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। सवाल यह है कि जब आम आदमी छोटी-सी गलती पर चालान कटवा लेता है, तो सट्टेबाजों पर कानून क्यों मेहरबान है? अब सवाल यह उठता है कि क्या पुलिस प्रशासन इस ओर ध्यान देगा या फिर सट्टेबाजों के हौसले ऐसे ही बुलंद बने रहेंगे।



