दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान का दूसरा चरण 17 दिसंबर से होगा शुरू

रीवा जबलपुर दर्पण । ग्रामीण अर्थव्यवस्था के मुख्य आधार पशुपालकों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान, तकनीकी जागरूकता, और उनकी आय दोगुनी करने के उद्देश्य से पशुपालन एवं डेयरी विभाग लगातार नवाचार कर रहा है। इसी क्रम में विभाग द्वारा प्रदेश भर में दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान संचालित किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण अभियान का प्राथमिक लक्ष्य दुग्ध उत्पादन में गुणात्मक सुधार लाना है। इसके लिए विभाग के कर्मचारी पशुपालकों से गृह भेंट कर उन्हें तीन मुख्य स्तंभों नस्ल सुधार, पशु पोषण एवं पशु स्वास्थ्य पर व्यापक रूप से जागरूक करेंगे।
इस संबंध में संयुक्त संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग डीएस बघेल ने बताया कि यह अभियान तीन चरणों में संचालित किया जाना है। अभियान का प्रथम चरण सफलतापूर्वक 2 अक्टूबर से 9 अक्टूबर तक पूरा किया गया था। जिसमें प्रदेश के सभी जिलों के 40,974 ग्रामों और रीवा तथा शहडोल संभाग के 5,915 ग्रामों में संपर्क स्थापित किया गया। अब अभियान का द्वितीय चरण संपूर्ण राज्य में दिनांक 17 दिसम्बर से प्रारम्भ किया जाना है। इस चरण में विभाग उन पशुपालकों से संपर्क करेगा जिनके पास 5 से 9 गौवंशीय तथा भैंस वंशीय पशु हैं। द्वितीय चरण के अंतर्गत प्रदेश के 49,028 ग्रामों और रीवा तथा शहडोल संभाग के 7,056 ग्रामों में संपर्क किया जाएगा। अभियान की अवधि न्यूनतम 7 दिवस और अधिकतम 15 दिवस तय की गई है, और इसे निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाना है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रथम चरण में कुछ उदाहरणीय पशुपालकों को चयनित किया गया है, जिनके अनुभवों को इस चरण में अधिकतम उपयोग करते हुए अन्य पशुपालकों से साझा किया जाएगा।



