आधा-दर्जन अधिकारीयों से फरियादी ने लगाई गुहार, लेकिन जिम्मेदारों पर नहीं हुई कोई कार्रवाई

डिंडोरी, जबलपुर दर्पण ब्यूरो। आदिवासी बाहुल्य जिला में शिक्षा व्यवस्था चरमराई हुई है, चाहें स्थाई रूप से एक ही स्कूल में वर्षों से शिक्षकों की पदस्थापना का मामला हो, चाहे अतिथि शिक्षकों की भर्ती का मामला हो जिम्मेदारों की मनमानी अपने चरम सीमा पर है। ताज़ा मामला जिले के जनपद पंचायत डिंडोरी अंतर्गत ग्राम पंचायत मड़ियारास के माध्यमिक शाला स्कूल से सामने आया है, जहां अतिथि शिक्षक भर्ती मामले में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया है। मामले को लेकर शिकायतकर्ता धनंजय परमार ने आरोप लगाया कि इससे पहले वे अतिथि शिक्षक के पद पर पदस्थ थे, लेकिन वर्ष 2020-21 में कोरोनाकाल के दौरान स्कूल बंद थी। पीड़ित ने आरोप लगाया कि स्कूल शुरू होते ही उन्हें बिना किसी कारण के निकाल दिया गया, जिससे अब वह बेरोजगार हो और कार्यालयों के चक्कर काट रहा है। गौरतलब है कि अब उनके स्थान पर जिम्मेदार हेड मास्टर के द्वारा अपने सगे परीचितो को अतिथि शिक्षक में भर्ती कर ली गई है। शिकायतकर्ता की मानें तो मामले की शिकायत सबसे पहले हेड मास्टर, संकूल प्राचार्य, पंचायत के सरपंच, बीईओ कार्यालय, ऐसी कार्यालय, 181 सहित जनसुनवाई में कर चुका है, बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। कारवाई न होने से मामले को लेकर अब कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं, कि आखिर शिकायत के महीना बाद भी आखिर कार्यवाही क्यों नहीं हो रही। शिकायतकर्ता ने मामले की जांच कराकर जल्द से जल्द कार्रवाई करने की मांग की है।



