जी.एस. ठाकुर के आरोपों पर साईं पिल्ले का पलटवार, बोले- “निराधार और भ्रामक आरोप”

जबलपुर दर्पण । पूर्व नगर अध्यक्ष जी.एस. ठाकुर द्वारा लगाए गए आरोपों पर अब सियासी और सामाजिक घमासान तेज हो गया है। इस पूरे मामले में साईं पिल्ले ने सामने आकर सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है। साथ ही उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
“पीड़िता की मदद के लिए खुद आगे आए”
पत्रकार वार्ता में साईं पिल्ले ने कहा कि मार्च माह में पीड़िता और उसकी मां उनके पास मदद के लिए पहुंची थीं, जिसके बाद उन्होंने अधिवक्ताओं के साथ थाना प्रभारी से संपर्क कर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित कराई।
उन्होंने दावा किया कि उनका उद्देश्य सिर्फ पीड़िता को न्याय दिलाना था।
महिला संगठनों ने भी उठाई आवाज
मामले की जानकारी मिलने के बाद अन्य महिला संगठनों ने भी सक्रियता दिखाई और पीड़िता पर दबाव बनाने वालों के खिलाफ एसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। इससे मामला और ज्यादा गंभीर हो गया है।
थाने में सुनवाई न होने का आरोप
साईं पिल्ले ने आरोप लगाया कि 20 मार्च को थाने में पीड़िता की सुनवाई नहीं हुई, जिसके चलते वह मानसिक रूप से परेशान होकर आत्मघाती कदम उठाने की स्थिति तक पहुंच गई और तिलवारा पुल तक चली गई थी।
धमकी और कॉल के आरोप, जांच की मांग
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 21 और 22 मार्च को जी.एस. ठाकुर द्वारा पीड़िता को धमकाने और फोन कॉल करने की बातें सामने आई हैं।
इन आरोपों की सच्चाई सामने लाने के लिए CCTV फुटेज और कॉल डिटेल्स की जांच कराने की मांग की गई है।
FIR दर्ज होने में देरी पर सवाल
साईं पिल्ले ने बताया कि 29 मार्च को एसपी कार्यालय में आवेदन दिया गया, जिसके बाद लंबी प्रक्रिया के चलते 1 अप्रैल को रात में एफआईआर दर्ज की गई।इस देरी को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
“राजनीतिक द्वेष से प्रेरित हैं आरोप”
साईं पिल्ले ने स्पष्ट कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप राजनीतिक द्वेष से प्रेरित हैं और उन्हें बदनाम करने की साजिश की जा रही है।
जी.एस. ठाकुर पर गंभीर सवाल
पलटवार करते हुए साईं पिल्ले ने कहा कि जी.एस. ठाकुर पीड़िता का साथ देने के बजाय आरोपी पक्ष के समर्थन में खड़े नजर आ रहे हैं। उन्होंने संपत्ति विवाद, पद के दुरुपयोग और अन्य सामाजिक मामलों को लेकर भी सवाल उठाए।



