स्वच्छ सर्वेक्षण 2026: जबलपुर नगर निगम की तैयारियां शून्य, मुख्य बाजारों में कचरा उठान सीमित

जबलपुर दर्पण । आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 को लेकर जहां नगर निगमों को अभी से व्यापक तैयारियां शुरू कर देनी चाहिए, वहीं जबलपुर नगर निगम की स्थिति इसके उलट नजर आ रही है। शहर में स्वच्छता व्यवस्था लगातार कमजोर होती दिख रही है और कई प्रमुख बाजार क्षेत्रों में कचरा उठान सीमित रह गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गुरंदी, दर्शन चौक, अंधेरदेव, मस्जिद रोड जैसे मुख्य बाजारों में नियमित सफाई नहीं हो रही, जिससे सड़कों पर कचरे के ढेर लगे रहते हैं। सुबह-शाम लगने वाली भीड़ के बीच कचरा उठान समय पर न होने से गंदगी फैल रही है और बदबू व संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है। व्यापारियों एवं रहवासियों के अनुसार नगर निगम द्वारा चलाया जा रहा सफाई अभियान अब केवल सीमित क्षेत्रों तक ही सिमट कर रह गया है। कई जगहों पर न तो पर्याप्त सफाई कर्मचारी दिखाई दे रहे हैं और न ही नियमित रूप से कचरा वाहन पहुंच रहे हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 के मद्देनजर शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने की जिम्मेदारी नगर निगम पर है, लेकिन वर्तमान हालात यह दर्शा रहे हैं कि जबलपुर नगर निगम की तैयारियां लगभग शून्य हैं। नागरिकों ने मांग की है कि नगर निगम तत्काल मुख्य बाजारों में दैनिक कचरा उठान व्यवस्था, सफाई कर्मचारियों की तैनाती, और निगरानी बढ़ाए, ताकि स्वच्छ सर्वेक्षण से पहले शहर की स्वच्छता व्यवस्था पटरी पर लाई जा सके। यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 में जबलपुर की रैंकिंग पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।



