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लहरपुर में एक नाबालिग के जीवन को बाल विवाह से बर्बाद होने से बचाया गया

अनुपपुर विकास ताम्रकार की रिपोर्ट

अनुपपुर। महिला बाल विकास विभाग, पुलिस एवं चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की सक्रियता से ग्राम लहरपुर में एक किशोरी को बाल विवाह के अभिशाप से बचाया गया। सहायक संचालक महिला सशक्तिकरण मंज़ुशा शर्मा ने बताया कि चाइल्ड लाइन 1098 को जैसे ही ग्राम लहरपुर में बाल विवाह होने की सूचना प्राप्त हुई वैसे ही उनके द्वारा ज़िला प्रशासन को जानकारी दी गयी एवं उनके भी कर्मचारी मौक़े पर पहुँचे। सूचना प्राप्त होते ही श्रीमती शर्मा, परियोजना अधिकारी सतीश जैन अपने सहायक अमले एवं पुलिस विभाग के संयुक्त दल के साथ विवाह स्थल पर पहुँचे एवं समझाइश देकर बाल विवाह को रोका गया। उल्लेखनीय है कि जैतहरी विकासखंड के ग्राम लहरपुर में एक 16 वर्षीय किशोरी का विवाह होने जा रहा था। जहाँ पर अभिभावकों परिजनों को संयुक्त दल द्वारा बाल विवाह के कारण होने वाली शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक समस्याओं क़े बारे में विस्तारपूर्वक समझाइश दी गयी, जिस पर सभी परिजन विवाह रोकने हेतु सहमत हो गए।

उल्लेखनीय है कि बाल विवाह कानूनन अपराध है एवं समस्त सेवा प्रदाता भी दंड के भागीदार होते हैं। ज़िले में बाल विवाह की कुरीति को मूल से नष्ट करने के लिए कलेक्टर चंद्रमोहन ठाकुर एवं पुलिस अधीक्षक मांगीलाल सोलंकी के मार्गदर्शन में सतत रूप से रोकथाम एवं आवश्यकता पड़ने पर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही एवं आमजनो को जागरुक किया जा रहा है। बाल विवाह किसी बच्चे को अच्छे स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा के अधिकार से वंचित करता है। कम उम्र में विवाह का लड़के और लड़कियाँ दोनों पर शारीरिक, बौद्धिक, मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक प्रभाव पड़ता है, शिक्षा के अवसर कम हो जाते हैं और व्यक्तित्व का विकास सही ढंग से नही हो पाता है। अतः सभी अभिभावकों/ परिजनो से अपेक्षित है कि अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य हेतु इस कुरीति से बचें एवं उन्हें सशक्त करने आत्मनिर्भर करने हेतु हर संभव प्रयास करें।

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