कब सुधरेंगे कर्मचारियों के हालत साल दर साल समय निकल रहा

जबलपुर दर्पण। मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर ने एक जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि प्रदेश के मुखिया माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी की गिनती /गणना अति संवेदनशील मुख्यमंत्रीयों /प्रधान सेवकों में आती हैँ पूरे देश में गिने चुने 6-7 मुख्यमंत्री हैँ जिनका त्वरित निराकरण करने का, लंबित प्रकरणों को शीघ्र समाप्त करने का तथा अपने अधीनस्थोँ का सर्वप्रथम ध्यान रखने का अपना एक जुदा अंदाज है। पूरे वर्ष भर धरना प्रदर्शन, रेंलियां, आंदोलन, ज्ञापन, सांकेतिक प्रदर्शन,काली पट्टीयां बांधकर विरोध प्रदर्शन, नारेबाजी, भूख हड़ताल.. इत्यादि ना जाने कितने जतन किये परन्तु सरकार टस से मस नहीं हुई नाम मात्र की छुट पुट समस्याओँ का निराकरण तो किया पर वो भी झुनझुना पकड़ने जैसा ही था।किसी ठोस मुद्दे पर चर्चा तक के लिए समय नहीं दिया। इतनी भीषण मंहगाई के दौर में भी पेंशनर्स का 27 माह का डी ए नहीं दिया। महंगाई भत्ता रो रोकर दिया।संविदा कर्मी,आंगनवाड़ी -आशा-उषा कार्यकर्त्ता,आउट सौर्स कर्मी,दैनिक वेतन -कार्यभारित कर्मी.. कोई नहीं बचा जो समस्याओँ से ग्रस्त ना हो और लाचार, बेबस ना हो। संगठन के जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर, बैजनाथ यादव,पवन सोयाम, रामदयाल उइके, अमर सिंह,आकाश भील,रामकिशोर इपाचे, अजय श्रीपाल,दशरथ मरावी, राजेंद्र प्रधान मांग की है।



