5000 मातृशक्तियों को सामाजिक बदलाव हेतु बनाया जाएगा ब्रांड एम्बेसडर

महामारी स्वास्थ्य प्रबंधन पर दी गई जानकारी,संवर्धिनी अभियान का प्रथम चरण प्रारंभ
मण्डला। जिले में आगामी तीन वर्ष तक चलने वाले संवर्धिनी अभियान का समारोह पूर्वक शुभारम्भ किया गया। बिछिया विकासखंड के ग्राम कांसखेड़ा में इस अवसर पर किशोरी बालिकाओं और महिलाओं के लिए एक दिवसीय उन्मुखीकरण सह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
महामारी स्वास्थ्य प्रबंधन पर दी गई जानकारी
कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों को गुणवत्तापूर्ण महामारी स्वास्थ्य प्रबंधन, व्यक्तिगत स्वास्थ्य और पोषण संबंधी व्यवस्था, कौशल उन्नयन के माध्यम से जीवनशैली व निर्णय में प्रभावी बदलाव और सामुदायिक नेतृत्व और विकास के लिए क्षमता निर्माण पर संवर्धिनी अभियान के प्रबंधक डॉ. गजेंद्र गुप्ता, समन्वयक सौरभ चटर्जी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता दूजा उइके और आशा कार्यकर्ता सीता आर्मो ने जानकारी दी।
संवर्धिनी अभियान वंचित वर्ग की किशोरियों, युवतियों व महिलाओं का समाज के सभी क्षेत्रों में सहभागिता बढ़ाने और उनकी सोच व क्षमताओं में बढ़ोतरी के माध्यम से समुदाय के समग्र विकास व बदलाव हेतु एक सतत प्रयास है।
अभियान के प्रबंधक डॉ. गजेंद्र गुप्ता ने बताया किए किशोरियों, युवतियों और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए 12 जनवरी 2013 से यह अभियान प्रारंभ हुआ था जिसमें अलग-अलग विषयों में क्षमता वर्धन का कार्यक्रम किया जा रहा था।
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 4 के रिपोर्ट में मण्डला जिले में किशोरी बालिकाओं, महिलाओं, स्वास्थ्य सुविधाओं, विवाह और गर्भधारण के आयु की चिंताजनक आंकड़ों के चलते सामुदायिक हस्तक्षेप के लिए तीन वर्षीय यह विशेष अभियान प्रारंभ किया गया है।
इस अभियान में आगामी 3 वर्ष में जिले के 9 विकासखंडों को 64 क्लस्टर में बांटकर अभियान के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा।
अभियान का क्रियान्वनयन पीजेव्हीबसीव्ही पीएकेए पूरा सोशल साल्यू्शन्स प्रा.लि. और सवंर्धिनी आनंद क्लाब के सहयोग से कर रही है। चयनित प्रशिक्षणार्थियों को तीन वर्ष में 120 सप्ताह के मॉड्यूलर गतिविधियों से जोड़कर क्षमता वर्धन का कार्यक्रम संचालित किया जाएगा।



