कांग्रेसी नेता पर अर्थदंड और बाकियों पर यह कैसी चुप्पी

सतना जिले की सभी तहसीलों में डंके की चोट उत्खनन

सतना दर्पण। लाइम स्टोन क्रेशर की भरमार सतना जिले की सभी तहसीलों में डंके की चोट पर देखने को मिल रही है। सतना कलेक्टर अजय कटेसरिया ने मैहर के कांग्रेसी नेता के स्टोन क्रेशर पर एक करोड़ रुपए से अधिक का जुर्माना लगाया है। अब सवाल यह उठता है कि जब कलेक्टर न्यायालय में सतना जिले मठाधीशों की फाइल लंबित होने के बाद भी कलेक्टर न्यायालय ने अभी तक किसी तरह का अर्थदंड नहीं लगाया है। लेकिन मैहर के कांग्रेसी नेता रामनिवास उरमलिया के नेहा स्टोन क्रेशर पर सतना कलेक्टर ने एक करोड़ 14 लाख रुपए का अर्थदंड घोषित किया है। मैहर तहसील में संचालित होने वाली नेहा स्टोन क्रेशर पर कलेक्टर ने जुर्माने की कार्यवाही करने में जरा सी देर नहीं लगाई जबकि प्रशासनिक सूत्र बताते हैं की कलेक्टर न्यायालय में रामनिवास उरमालिया के अलावा अन्य स्टोन क्रेशर संचालकों की फाइल लगी हुई थी। बीच में से कांग्रेसी नेता की फाइल निकालकर कलेक्टर सतना ने जुर्माने की कार्यवाही को अंजाम दिया है। प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि सतना जिले के पावरफुल भाजपाई नेताओं के इशारे पर कांग्रेसी नेता के स्टोन क्रेशर को निशाना बनाने के बाद प्रशासन की कार्यवाही ठंडे बस्ते में चली गई है। जबकि हकीकत यह है कि सतना जिले में ऐसी कोई भी तहसील नहीं है जहां पर नियम कायदों की धज्जियां उड़ाते हुए बड़ी संख्या में स्टोन क्रेशर का संचालन न किया जाता हो। अचानक मैहर पर कलेक्टर की कार्यवाही ने सतना जिले की राजनीति को भी ठंड के इस मौसम में गर्म करने का काम किया है। सूत्रों ने बताया कि मैहर तहसील के अंतर्गत तकरीबन 2 दर्जन से अधिक स्टोन क्रेशर संचालित होते हैं जिनमें से अधिकांश पर्यावरण और शासन के तय किए गए नियमों पर पानी फेरने का काम करते हैं इसके बावजूद जिला प्रशासन ने केवल नेहा स्टोन क्रेशर को अपना निशाना बनाया? जिला खनिज अधिकारी इस मामले में कुछ ज्यादा बोलने की हिम्मत नहीं दिखा पा रहे हैं। उन्हें अच्छी तरह पता है यह विंध्य प्रदेश का सतना जिला है यहां घर घर में राजनैतिक पैंतरों में माहिर नेताओं की मौजूदगी नजर आती है।
इन तहसीलों में कलेक्टर साहब कौन देखेगा बदहाली?
मैहर तहसील के अंतर्गत सतना कलेक्टर की कार्यवाही को लेकर रविवार को दिनभर चर्चाओं का दौर गर्म रहा। राजनीति में रुचि रखने वालों के बीच केवल यही चर्चा हो रही थी कि भाजपा नेताओं के दबाव में मैहर क्षेत्र के अंदर अकेले कांग्रेसी नेता राम निवास उरमलिया की नेहा स्टोन क्रेशर को जिला प्रशासन ने अपना निशाना बनाया है। जिला प्रशासन से जुड़े लोगों ने बताया कि सतना जिले के रामपुर बघेलान, मझगवां, कोठी, अमरपाटन, नागौद सहित अन्य हिस्सों में स्टोन क्रेशर का संचालन बड़े स्तर पर किया जाता है। कोई एक भी सतना जिले में स्टोन क्रेशर नहीं है जो पर्यावरण को बचाए रखने के लिए आवश्यक मापदंडों को पूरा करता हो। जिला पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की मिलीभगत के कारण ही स्टोन क्रेशर संचालकों ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। कलेक्टर साहब मैहर सहित जिले की दूसरी तहसीलों में डंके की चोट पर संचालित होने वाली स्टोन क्रेशर पर भी विशेष रुप से गौर फरमाइए।



