मानदेय के लाले पड़े अतिथि शिक्षकों की काली दीवाली

(भूखों मरने मजबूर सुनने वाला कोई नहीं)
मण्डला। जिले के सरकारी स्कूलों में वर्षों से शिक्षकीय काम करते आ रहे अतिथि शिक्षकों को पिछले सत्र का मानदेय भुगतान किया जाना बाकी है। जिसके कारण उनके सारे तीज त्यौहार काले काले गुजर रहे हैं। इस वर्ष की पावन दीपावली भी काली ही गुजरने वाली है।
अतिथि शिक्षक परिवार मंडला जिला अध्यक्ष पी.डी.खैरवार ने बताया है, नियमितीकरण का संघर्ष तो संकट पर हैं ही पर जिले के सातों मॉडल स्कूलों में शिक्षकीय काम करते आ रहे सैकड़ों अतिथि शिक्षकों का फरवरी 2020 के बाद से मानदेय भुगतान होना आज भी बाकी है।साथ ही दर्जनों प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के अतिथि शिक्षकों के विगत सत्र के कुछ महीने सहित अब तक का मानदेय भुगतान होना बाकी है। जिससे इन सबके पारिवारिक जीवन में भारी आर्थिक संकट
का सामना करना पड़ रहा है। कोरोना लॉकडाउन काल में तो अतिथि शिक्षकों को काम मिला ही नहीं। जिसके कारण भी जिले के पांच हजार अतिथि शिक्षक किंकर्तव्य बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं।आगे बताया गया है, कि मानदेय भुगतान कराए जाने संबंधी ज्ञापन आवेदन निवेदन दर्जनों मर्तबा संबंधित कार्यालयों की ओर देते परेशान हो चुके हैं।जहां से डिमांड ऊपर भेज देने का जवाब देकर पल्ला झाड़ लिया जाता है।अब तो पिछले सत्र दीपावली में जिस तरह मानदेय के लिए भूख हड़ताल करना पड़ गया था। इस वर्ष भी भूख हड़ताल के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। प्रशासन से अभी मांग की जा रही है,कि दीपावली के पूर्व मानदेय का भुगतान कराया जाए, अन्यथा की स्थिति में अतिथि शिक्षक जिला प्रशासन के समक्ष भूख हड़ताल के लिए मजबूर हो जाएगा। जिसकी संपूर्ण जवाबदारी प्रशासन की ही होगी।



