दूषित पानी पीने पर मजबूर शहरवासी

राजकुमार ठाकुर सिवनी एमपी संवाददाता। शहर के 24 वार्डों में साफ पानी पहुंचाने के लिए 63 करोड़ र्स्पये की पेयजल योजना चार साल में भी पूरी नहीं हो पाई है। आज भी पुरानी जर्जर पाइपलाइन से पानी की सप्लाई की जा रही है। इसके कारण दूषित पेयजल घरों में पहुंच रहा है। साल 2015 में योजना का काम शुरू किया गया था।
2016 में हो जाना था योजना का काम पूरा : नई पेयजल योलना का काम वर्ष 2016 में पूरा हो जाना था। अब तक इस योजना का काम पूरा नहीं हो सका है। इस साल भी इस योजना का लाभ शहर के सभी लोगों को मिलना मुश्किल लग रहा है। पिछले साल अप्रैल माह में नई पेयजल योजना से पेयजल की सप्लाई शुरू कर दी गई थी, लेकिन अब तक नई पाइपलाइन से पेयजल की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है।
अब तक हुए 9000 कनेक्शन : नई जलावर्धन योजना के तहत शहरवासियों को पेयजल की आपूर्ति के लिए 10 हजार 750 घरों में नल कनेक्शन किए जाने हैं। इस पेयजल योजना का ठेका पुणे की मेसर्स महालक्ष्मी इंजीनियरिंग वर्क्स को दिया गया है। अब तक करीब 9 हजार नल कनेक्शन ही हो सके हैं। कोरोना संक्रमण के दौरान दूषित पेयजल की सप्लाई जारी है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
एक करोड़ का भुगतान बाकी : पेयजल सप्लाई व फिल्टर प्लांट का मेंटेनेंस कर रही महालक्ष्मी इंजीनियरिंग कंपनी का करीब एक करोड़ रुपये का बिल भुगतान रुका हुआ है। इसके कारण कर्मचारियों को वेतन भुगतान करने में कंपनी को मुश्किल आ रही है। कंपनी द्वारा धीमी रफ्तार से काम कराए जाने के बाद भी नगरपालिका ने कोई कार्रवाई नहीं की है। कंपनी द्वारा कराए जा रहे काम शुरू से विवादों में रहे हैं।नई पेयजल योजना का काम जारी है। करीब 9 हजार कनेक्शन हो चुके हैं। इस साल के अंत तक काम पूरा हो जाएगा। नए साल से शहर के लोगों को नई पेयजल योजना का लाभ मिलने लगेगा।
-नवनीत पांडे, सीएमओ सिवनी।



