ओबीसी महासंघ ने जनगणना फार्मेट में कॉलम बनवाने हेतु विधायक को सौंपा ज्ञापन

सिवनी। आज ओबीसी महासंघ एवं राजनैतिक मोर्चा जिलाध्यक्ष उमा ठाकुर ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि संविधान में सामाजिक तथा शैक्षिक दृष्टि से पिछड़े हुए समुदायों को अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति व अन्य पिछड़े वर्गों के रूप में ३ वर्ग बनाये गए हैं । जनगणना में इन तीनों वर्गों की दशाओं के आंकड़े व जनगणना किया जाना चाहिए । लेकिन जनगणना अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति वर्ग की जनगणना तो होती है किन्तु अन्य पिछड़ा वर्ग की जनगणना नहीं होती है । आयोग मंडल व मध्य प्रदेश रामी महाजन द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग की जनगणना कराये जाने बावत् अनुशंसाएँ की मान्यवर आपको ज्ञात है कि अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए गठित संवैधानिक आयोग है । तद्नुसार इस हेतु संसद में बनी सहमति के आधार पर जनगणना 2011 में पृथक से अन्य पिछड़ा वर्ग के आँकड़े एकत्र करने प्रयास किए गए किन्तु आँकड़े जारी नहीं किए गए ।और ओबीसी महासभा द्वारा लंबे समय से प्रतिमाह ज्ञापन देकर जनगणना 2021 के फॉर्मेट में ओबीसी का कालम बनवाने शासन – प्रशासन से निवेदन किया जाता रहा है । लेकिन पूर्व की भाँति इस बार भी जनगणना फार्मेट में अन्य पिछड़ा वर्ग ( ओबीसी ) का कॉलम नहीं है । फलस्वरूप औबीसी वर्ग की जनसंख्या तथा उसकी परिस्थितियों का आकलन नहीं हो पायेगा । फलतः ओबीसी वर्ग के विकास करने की संवैधानिक प्रतिबद्धता फिर अपूर्ण रह जायेगी । अतः हम अधोहस्ताक्षर कर्ता सविनय निवेदन करते हैं कि जनगणना 2021 के फॉर्मेट में कालम 13 में ” ओबीसी के लिए 3 और अन्य के लिए लिखें ‘ का विकल्प बनवाने हेतु क्षेत्र की जनता की ओर से आपके द्वारा मध्यप्रदेश विधानसभा में प्रस्ताव रखा जाये तथा प्रदेश के सभी माननीय विधायकों से आगृह कर प्रस्ताव को पारित करवाकर केन्द्र सरकार को पहुंचाया जाये ।



