मध्य प्रदेशसतना दर्पण
आदर्श ग्राम इटमा का विकास सड़को पर बह रहा है ?

गांव में घुसते ही गन्दगी भी सड़को पर देखी जा सकती है।

आदर्श ग्राम के विकास के बारे में ग्रामीण चुप्पी क्यों, कही पंचायत चुनाव में बड़ा झटका देने की तैयारी तो नही??
गोवर्धन गुप्ता मैहर। साल दर साल गुजर रहा लेकिन परिवर्तन कागजो पर,आदर्श ग्राम इटमा आज भी किये गए वादों की बाट जोह रहा, अब तो आदर्श ग्राम के तहत हुई विकास के बारे में पूछने पर ग्रामीण अपशब्दों की बौछार देने से भी पीछे नही हटते , जानकारों की माने तो आदर्श ग्राम इटमा को केंद्र सरकार की एक अच्छी सोच के साथ ये योजना थी, जबकि केंद्र की अच्छी योजना बना और देश मे सांसदों द्वारा उनके संसदीय क्षेत्र में जो भी ग्राम पंचायत विकास से पीछे होगा उसको आदर्श ग्राम के तहत सांसद गोद लेकर उस गांव की हर छोटी बड़ी समस्या और कमियों को पूराकर उस ग्राम को स्वच्छ व सुंदर बनाए जाएंगे लेकिन सतना संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत मैहर तहसील के ग्राम इटमा को गोद लेने की प्रक्रिया की गई बड़े ही धूमधाम से और और जिले व तहसील के सभी बड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में ग्रामीणों की समस्याओं को सुनने के बाद खाने पीने की भी व्यवस्था की गई थी यानी आदर्श ग्राम बनाने में भव्य कार्यक्रम किया गया था और कार्यक्रम में लाखों रुपये खर्च भी हुआ था । लेकिन वर्षो बित गए कोई देखने वाला नही की गोद ली गई ग्राम इटमा की कितनी ब्यूटी पार्लर में मेकअप हुआ और ग्राम इटमा को सुंदरता बढ़ी है या सांसद द्वारा नियुक्त किये गए उन जिमेदारो ने भी कितना मेहनत किया है आदर्श ग्राम को संवारने में वैसे आपको बता दे कि जो मिली जनकारी अनुसार है जब से आदर्श ग्राम योजना में शामिल हुई है उसके बाद विकास की गंगा सुखी पड़ी है इतना ही नही इटमा ग्राम के आगे लुढोती ग्राम पंचायत भी है वो भी विकास सूखे की मार झेल रहा है और सबसे बड़ी समस्या जो आज भी नाली नही बनी जो सड़को पर भरा रहता है नाली का पानी जबकि खुद जनपद सदस्य गोविंद पटेल व सरपंच के घर की नाली की पानी सड़क किनारे गढ्ढा खोदकर भरा जाता वैसे इटमा ग्राम के लोग को अब आदत सी बन गई है समस्याओ के बीच रहने की कुछ भी बोलने को तैयार नही न जाने किसका डर बना रहता है।



