झांकी गांव में हो रहे अवैध ब्लास्टिंग से ग्रामीणों में दहशत का रहता है माहौल

अवैध उत्खनन से आसपास के क्षेत्र में बन गए हैं बड़े-बड़े खाई नुमा गड्ढे।
डिंडोरी,जबलपुर दर्पण ब्यूरो। वैसे तो जिले भर में दर्जनों क्रेशर संचालित हो रहे हैं, लेकिन नियम, निर्देशों को ना मानकर संचालक मनमानी पूर्वक पत्थरों का उत्खनन कर क्रेशरों का संचालन करवाया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानी होती है। बताया गया कि डिण्डौरी जिले के समनापुर जनपद अंतर्गत झाँखी गांव के पास लम्बे समय से जीआरटीसी कम्पनी द्वारा कई सालो से क्रेशर का संचालन करवाया जा रहा है।ओरोप है कि कम्पनी द्वारा बड़े बड़े पत्थर निकालने के लिए खौफनाक ढंग अवैध ब्लास्टिंग किया जा रहा है, ब्लास्टिंग की गर्जना गांव के सहित आसपास के क्षेत्रों तक होती है। आरोप लगाया गया कि क्रेशर संचालक और माइनिंग विभाग से सांठगांठ होती है और हर माह कमीशन भी विभाग तक पहुंचाई जाने की चर्चाएं भी है, जिससे कार्यवाही करने में विभाग नजर अंदाज कर देता है।
जिले में दर्जन भर से ज्यादा क्रेशर संचालक नहीं कर रहे नियमों का पालन। जिले भर में दर्जन भर से ज्यादा ऐसे क्रेशर संचालक हैं, जो शासन के निर्देशों को ना मानकर मनमानी पूर्वक धड़ल्ले से अवैध क्रेशर का संचालन करवा रहे हैं, जो कई तरह के सवाल खड़ा कर रहा है। झांकी गांव में अवैध ब्लास्टिंग की गड़गहाट से कई घरों मे दरारे भी आ जाती है, ब्लास्टिग इतनी तेज धमाकेदार होती है कि लोग भूकंप के झटके महसूस कर घर छोड़ कर बाहर निकलने लगते है। गौरतलब है कि जहां से पत्थर का अवैध उत्खनन कर पत्थर निकालते है, वहां के आसपास के क्षेत्रों में जमीन पर गहरी खाई नुमा गड्ढे बन गए है, जहां ग्रामीणों सहित मवेशियों के लिए खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों की मानें तो खाई नुमा गड्ढे में गिरने की संभावना बनी हुई है,बाउजूद शासन प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्यवाही करने को पहल नहीं की जा रही। आक्रोशित ग्रामीणों ने पिछले दिनों जीआरटीसीके खदान व आफिस मे जाकर तत्काल अवैध ब्लास्टिंग मे रोक लगाने की चेतावनी दिए है। ग्रामीणों ने बताया कि अगर समय रहते विभाग द्वारा अवैध क्रेशर संचालकों के ऊपर कोई ठोस कार्यवाही नहीं करती तो ग्रामीण मुख्य मार्ग मे चकाजाम करने के लिए बाध्य होंगे।



