बच्चों के भविष्य को लेकर शिक्षा विभाग की लापरवाही, स्कूल दो महीने से बंद

संस्कार पब्लिक स्कूल, जो एक निजी संस्था है, पिछले दो महीनों से बंद पड़ा हुआ है, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। इससे बच्चों के अभिभावकों में चिंता का माहौल है, खासकर जब वार्षिक परीक्षाएं नजदीक हैं। बच्चों के अभिभावकों ने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। स्कूल बंद होने के कारण बच्चे 10 से 5 किलोमीटर दूर से घर वापस लौटने को मजबूर हैं, और वे हर महीने स्कूल की फीस देते हुए भी कोई सुविधाएं नहीं पा रहे हैं।शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण बच्चों का भविष्य अंधकार में है। दो महीने पहले भी अभिभावकों ने शिकायत की थी, लेकिन उस समय केवल नोटिस जारी किया गया था और कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। फिर से शिकायत मिलने पर बीआरसी पन्ना की डॉ. कविता त्रिवेदी ने स्कूल का निरीक्षण किया और स्कूल को बंद पाया। उन्होंने स्कूल के संचालक को पत्र लिखकर जवाब तलब किया है, और यदि उचित जवाब नहीं मिलता है तो उच्च अधिकारियों को सूचित कर एफआईआर की कार्रवाई की जाएगी।अभिभावकों ने इस लापरवाही के लिए स्कूल के संचालक और शिक्षा विभाग दोनों को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि अगर जल्दी कार्रवाई नहीं की गई, तो बच्चों का साल बर्बाद हो सकता है।बीआरसी पन्ना की डॉ. कविता त्रिवेदी ने अभिभावकों को आश्वासन दिया कि इस मामले में जल्द कार्रवाई की जाएगी और बच्चों के भविष्य को लेकर कोई भी लापरवाही नहीं होने दी जाएगी।



