ठेकेदार के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट के बाद पुलिस ने दर्ज किए आवेदक के बयान

डिंडोरी,जबलपुर दर्पण न्यूज।
जिला मुख्यालय के चिन्हित विभिन्न वार्डो में सीवर प्लांट के लिए सड़कों को खोद कर पाइप डालने का काम किया जा रहा है, जहां ठेकेदार पर मनमानी करने के आरोप पिछले कई वर्षों से लग रहे हैं। जहां निर्माण कार्यों को पिछले कई वर्षों से पूरा नहीं किया जा रहा, जिससे बरसात के मौसम में लोगों को काफी परेशानी होती है।गौरतलब है कि मामले को लेकर जिले के बसपा जिला अध्यक्ष ने एसपी कार्यालय में आवेदन देकर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई थी, अब एसपी के निर्देशनों के बाद कल शनिवार को कोतवाली पुलिस ने बसपा जिलाध्यक्ष के बयान दर्ज किए हैं। मामले को लेकर एसपी कार्यालय में शिकायत के लगभग चार-पांच दिनों बाद पुलिस सूचना के बाद बसपा जिलाध्यक्ष कोतवाली थाना पहुंचकर पुलिस को अपने बयान दर्ज करवाया हैं।आरोप है कि ज़िम्मेदारों को बरसात के मौसम में ही सीवर लाइन में सड़क खोदकर पाइप डालने की यादें आती है।
बारिश के मौसम में होती है लोगों को आवागमन करने में परेशानी।
बारिश के आगाज के साथ ही नगर में अव्यवस्था सामने आने लगती हैं, पिछले दिनों शुरू हुई बारिश ने जिला मुख्यालय के रहवासियों को मुश्किल में डाल दिया है, खासकर उन वार्डो में जहां सीवर लाइन डालने का काम काम इन दिनों जारी है। बताया गया कि मार्ग जर्जर होने के कारण मोटरसाइकिल चालक घायल हो रहे है, जबकि सम्बंधित अधिकारी लापरवाही और ग़ैर-पेशेवर व्यवहार यात्रियों-रहवासियों के साथ कर रहे हैं, जिससे बड़ी समस्या व खतरा पैदा कर रहा है, जीवन की गम्भीर चुनौती के साथ भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार का घोर उल्लंघन को दर्शाता है। मामले को लेकर बहुजन समाज पार्टी के ज़िला अध्यक्ष असग़र सिद्धिकी के संज्ञान में लेते हुए पुलिस अधीक्षक व अति. पुलिस अधीक्षक के नाम पत्र लिखकर उक्त कम्पनी व अधिकारियों के खिलाफ जनता के प्रति लापरवाही रवैया को देखते हुए, उन्होंने ने प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराकर मामले में जांच कराकर कार्रवाई की मांग की गई है।
क्या कहते हैं नियम।
शासन के निर्देशानुसार रोड़ कटिंग व रोड़ संधारण का काम 15 दिन के भीतर कम्पनी को निर्धारित स्पेसिफ़िकेशन के आधार पर करना होता है। विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए क्षतिग्रस्त हुई चीजों को यथावत पहले के जैसे तैयार करनी होती है। सड़क खुदाई के बाद सर्प्लस मटेरीयल, मिट्टी को हटाना होता है।बारिश में खुदाई के कारण कीचड़ ना हो, इसकी ज़िम्मेदारी कम्पनी की होती है। बारिश की स्तिथि में काम बंद कर रेस्टरेशन काम तत्काल चालू किया जाने के निर्देश होते हैं साथ ही रेस्टरेशन के बाद सम्बंधित सड़क एजेन्सी के उपयंत्री को कम्पनी की ओर से निरक्षण करवाकर अनपत्ति प्रमाण पत्र लेना होता है। आरोप है कि मुख्यालय के विभिन्न वार्डो में निर्माण कार्यों के दौरान ठेकेदार व जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा नियमों का पालन नहीं किया जा रहा और वर्षों से मनमानी की जा रही है।



