सड़क का पता न पानी का, यहां धड़ल्ले से डोंगरी को काटकर कर रहे प्लॉटिंग

जमीन कारोबारियों ने मार्केट में किए दलाल सक्रिय, सब्जबाग दिखाकर बेच रहे प्लाट
बुढ़ार। शासन के नियमों को ताक में रखकर नगर में अवैध प्लाटिंग कर खरीद-फरोख्त की जा रही है। जानकारी के अभाव में लोग दलालों के झांसे में फंसकर खेतों को काटकर बनाए गए सुविधाविहिन प्लाट में निवेश कर रहे हैं। ऐसे में विभागीय अधिकारी भी चुप्पी साधे हुए हैं वह हो रही अवैध प्लॉटिंग पर कोई भी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं और भू-कारोबारी धड़ल्ले से प्लाटिंग का कारोबार कर रहे हैं।
जमीन की प्लाटिंग करने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से लेआउट अप्रूवल कराना जरूरी है। अप्रूवल के लिए सड़क, नाली, गार्डन के लिए 55 फीसदी जमीन रिजर्व रखनी पड़ती है। बाकी बची 45 फीसदी जमीन पर ही प्लाटिंग करके बेचा जा सकता है। जबकि शहर के कालोनाइजर 15 प्रतिशत भूखंड छोड़कर प्लाटिंग कर रहे हैं। शहर में भू-कारोबारियों द्वारा काटी जा रही कॉलोनियों में न सड़क का पता न पानी का और कर रहे हैं प्लाटिंग।
इस तरह से कर रहे काम-कॉलोनाइजर लाईसेंस भू-स्वामी को ही मिलने के नियम बनने के बाद अब भू-माफियाओं ने इसका भी तोड़ निकाल लिया है। बड़ी कॉलोनियों में ध्यान देने की बजाए उन्होंने शहर के कई हिस्सों में एक एकड़ से कम की जमीन रखने वाले लोगों से संपर्क कर उनकी जमीन में सिर्फ एक सीधी सीमेंट की सड़क बनाकर उसके दोनों ओर प्लॉट काटकर बेचने का काम शुरू कर दिया है।
जमीन दलाल सक्रिय-शहर के चारों हिस्सों में इन दिनों अवैध रूप से प्लाट काटकर बेचने का कारोबार धड़ल्ले से किया जा रहा है। मुनाफा कमाने के फेर में खरीददार को लोकेशन का सब्जबाग दिखाकर बगैर परमीशन व डायवर्सन कराए जमीन को बेचना शुरू कर दिया गया है। वहीं एक ही जमीन के कई-कई दलाल सक्रिय रहते हैं, जो अपने-अपने तरीके से ग्राहक को फंसाने की फेर में लगे रहते हैं।
यहां हो रही प्लॉटिंग-जरवाही रोड डीएवी स्कूल के सामने वन नाका के बगल से बत्तीसी बनाने वाले इन दिनों भू माफिया बन गए हैं पहले बत्तीसी बनाने के लाइसेंस में धोखाधड़ी अब भूमि प्लाटिंग कर लोगों को ठगने का काम भी शुरू कर दिया गया है ।
इस प्लाटिंग में सिंघानिया नामक व्यक्ति भी संलग्न है जिन्होंने एलआईसी लूट कांड में सजा पड़ने के बाद जमानत लेकर आए एवं बीमा कंपनी के ग्राहकों को भी छला है अब वह उच्च कोटि के भू माफिया होकर शासन को चूना तो लगा ही रहे है साथ ही गरीबों की गाढ़ी कमाई को ठगने का भी काम जारी है उल्लेखनीय है कि जिस जगह में प्लाटिंग की जा रही है वह ग्रामीण क्षेत्र होने के साथ-साथ वन रक्षक का नाका भी है जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वन विभाग की जमीन तो नहीं खसरा नंबर 490 /2 में डोंगरी के कुछ हिस्से को कांटा भी गया है और कीमती पेड़ों को भी काटने से बाज नहीं आए भू माफिया प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त भूमि के नीचे से रिलायंस पाइपलाइन भी गई है
शासकीय जमीन पर भी हो रही प्लाटिंग-भू-कारोबारियों द्वारा शासकीय जमीन पर भी प्लाटिंग की जा रही है। जमीन का व्यापार करने वाले कारोबारी दूसरे सर्वे नंबर को दर्शाकर शासकीय जमीन पर प्लाटिंग कर लोगों को ठग रहे हैं। प्रशासन को एक जांच दल गठित कर जमीन का कारोबार करने वाले व्यापारियों पर कार्रवाई करना चाहिए, जिससे प्लाट खरीदने वाले लोग ठगी का शिकार होने से बच सकें।
खरीददार को भारी पड़ सकता है लेनदेन-जमीनी मामलों के जानकारों ने बताया कि अगर नगर निवेश से लेआउट पास किया गया हो तो निवेशक को जमीन के साथ ही दीगर सुविधाएं भी मुहैया करना होगा, जिसमें नाली, सड़क, बिजली, पानी, पार्किंग व गार्डनिंग व ओपन स्पेस के लिए स्थल प्लान में तय होता है, लेकिन गैर पारित प्लाट को खरीदने के बाद भी दीगर सुविधाओं से खरीददार दूर होता है। बिना कॉलोनाइजर लाइसेंस वालों से जमीन को खरीद-फरोख्त खरीदार को भारी पड़ सकती है।



