सीएम हेल्पलाइन में सुआतला टीआई ने दर्ज किया झूठा निराकरण

नरसिंहपुर। सुआतला थाना प्रभारी ज्योति दिखित अपनी कारगुजारियों के चलते लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं। चाहे बीते माह खनिज अधिकारी ओपी बघेल के झूठे शिकायती आवेदन पर बिना जांच के नर्मदा में अवैध उत्खनन के विरुद्ध याचिका लगाने वाले पत्रकार रमाकांत कौरव पर एफआईआर दर्ज कराने का मामला हो या फिर रेत कंपनी धनलक्ष्मी में कार्यरत पति नवल ठाकुर का पुलिस से मिलता जुलता लोगो एवं प्रेस लिखी गाड़ी में घूमने का मामला हो। या फिर बुधवार को पति नवल ठाकुर द्वारा घाटपिपरिया के ग्रामीणों को अपनी टीआई पत्नी का पुलिसिया धौंस दिखाने का मामला हो। अब ज्योति दिखित का एक और कारनामा उजागर हुआ है जिसमें उन्होंने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की महत्वपूर्ण व्यवस्था सीएम हेल्पलाइन में झूठा निराकरण दर्ज कर दिया है। शिकायतकर्ता रमाकांत कौरव ने बताया है कि उनके द्वारा की गई सीएम हेल्पलाइन शिकायत में सुआतला टीआई ज्योति दिखित एल-1 अधिकारी थीं जिन्होंने उक्त शिकायत में झूठा निराकरण दर्ज कर दिया है। जिसकी शिकायत उन्होंने सीएम हेल्पलाइन में की है।
पूरा मामला यह है कि जिला खनिज अधिकारी ओपी बघेल द्वारा रमाकांत कौरव के विरुद्ध 21 जून 2021 को सुआतला थाने में झूठा शिकायती आवेदन दिया गया था। जिस पर सुआतला थाना प्रभारी ज्योति दिखित के निर्देश पर बिना कोई जांच किये तुरन्त प्रकरण दर्ज कर लिया गया। जिसे लेकर रमाकांत कौरव ने 3 जुलाई को सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने मां नर्मदा में प्रशासन की मिलीभगत से धनलक्ष्मी कम्पनी द्वारा किये जा रहे अवैध उत्खनन के विरुद्ध एनजीटी न्यायालय में याचिका दायर की है जिसे वापिस लेने के लिए दबाव बनाने जिला खनिज अधिकारी द्वारा रमाकांत के विरुद्ध झूठी शिकायत दर्ज कराई है। जबकि उन्होंने करीब 2 माह पूर्व 12 अप्रेल को ही पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर इस बात की स्पष्ट आशंका जाहिर की थी कि प्रशासनिक अधिकारियों एवं धनलक्ष्मी कम्पनी की मिलीभगत से उनके ऊपर झूठा मामला दर्ज करवाने की कोशिश की जा सकती है। स्पष्ट आशंका जताने के बावजूद भी सुआतला पुलिस द्वारा बिना जांच किये झूठे आवेदन पर तुरंत प्रकरण दर्ज कर लिया गया। रमाकांत द्वारा सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज कराई यह शिकायत के निराकरण के लिए एल-1 अधिकारी सुआतला थाना प्रभारी ज्योति दिखित के समक्ष पहुंची थी। जिन्होंने 13 जुलाई को झूठा निराकरण दर्ज कर दिया है। जिसमें यह बताया गया है कि शिकायतकर्ता के ऊपर खनिज अधिकारी की शिकायत पर प्रकरण दर्ज किया गया है। उक्त प्रकरण में शिकायतकर्ता आरोपी है इसलिए शिकायतकर्ता शिकायत कर रहा है। वहीं यह भी लिखा है कि शिकायतकर्ता को पूछताछ हेतु बार बार थाने बुलाया जा रहा है जो उपस्थित नहीं हो रहा है। जिसके सम्बन्ध में शिकायतकर्ता रमाकांत कौरव ने बताया कि सुआतला टीआई ने यह सरासर झूठा निराकरण दर्ज किया है उनके द्वारा एक बार भी थाने नहीं बुलाया गया है न ही इस सम्बंध में टीआई ज्योति दिखित द्वारा कभी सम्पर्क किया गया है। झूठ की हद तो यहां हो गई कि 13 जुलाई को सुआतला थाना प्रभारी ने यह निराकरण दर्ज किया जिसमें लिखा कि बार बार बुलाने पर भी शिकायतकर्ता थाने में उपस्थित नहीं हो रहा है जबकि 13 जुलाई को ही शिकायतकर्ता रमाकांत कौरव तेंदूखेड़ा एसडीओपी मेहंती मरावी के बुलाने पर बयान दर्ज कराने एसडीओपी कार्यालय तेंदूखेड़ा पहुंचे थे। और उसी दिन एसडीओपी मेहंती मरावी के समक्ष अपने कथन दर्ज कराए। और सुआतला थाना तेन्दूखेड़ा एसडीओपी कार्यालय के अंतर्गत ही आता है।
सुआतला टीआई ज्योति दिखित के इस झूठ से उनकी कार्यप्रणाली साफ तौर पर उजागर हो गई है। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अति महत्वपूर्ण व्यवस्था सीएम हेल्पलाइन की कार्रवाई में सुआतला टीआई ज्योति दिखित द्वारा की गई इस लापरवाही एवं जानबूझकर झूठा निराकरण दर्ज करने पर नरसिंहपुर पुलिस अधीक्षक उनके विरुद्ध क्या एक्शन लेते हैं।
इनका कहना है:-
मेरे द्वारा की गई सीएम हेल्पलाइन शिकायत के सम्बंध में एल-1 अधिकारी ज्योति दिखित द्वारा मुझसे अभी तक कोई सम्पर्क नहीं किया गया है। फिर भी उन्होंने 13 जुलाई को झूठा निराकरण दर्ज कर लिखा है कि मुझे बार बार पूछताछ हेतु थाने बुलाया गया लेकिन में नहीं पहुंचा बल्कि 13 जुलाई को ही मैं एसडीओपी कार्यालय तेंदूखेड़ा पहुंचा था मेरे द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को की शिकायत की जांच के सम्बंध में कथन दर्ज कराने एवं मैंने अपनी तरफ से एसडीओपी मेंहंती मरावी जी से आग्रह भी किया था कि सीएम हेल्पलाइन शिकायत में भी मेरे कथन दर्ज किये जायें लेकिन उनके द्वारा शिकायत अभी एल-1 स्तर पर होने की बात कही गई थी। झूठा निराकरण दर्ज करने के सम्बंध में मैंने पुनः सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई है।
– रमाकांत कौरव, शिकायतकर्ता



