मध्य प्रदेशशहडोल दर्पण

लम्बी शिकायतों के बाद भी सिफर रहा कार्यवाही, जांच के नाम पर लीपापोती कर गए अधिकारी

शिकायत के बाद भी दो जिले के जिला प्रशासन किसी बड़े दुर्घटना का इंतजार कर रहे हैं सड़क में हुई लीपापोती की दर्जनो शिकायत अब सिफर नजर आ रही हैं यही नही इन शिकायतों के फेहरिस्त में पीएमओ से लेकर परिवहन मंत्री का भी उल्लेख है पर भ्रष्ट शासन इतना तानाशाह है कि शिकायत,आवेदन निवेदन सब कागजो की कोठी में रख दिये गए भ्रष्टाचार उजागर होने के बाद भी एम.पी.आर.डी.सी.के अधिकारी ठेकेदार को अभयदान देते नजर आ रहे हैं
शहडोल।।
जहाँ इस प्रजातंत्र मे आम नागरिको की आवाज को बैठे जिम्मेदार दबाने का प्रयास करती है ऐसा ही कुछ दिन पूर्व करोडो के हुए भ्रष्टाचार को उजागर करने के बाद भी जिला अनुपपुर वा जिला शहडोल मे बैठे जिम्मेदार गावर कंपनी के साथ मिलकर अपनी जेबें भर रहे है करोडो के भ्रष्टाचार की शिकायत प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक इस भ्रष्टाचार की लिखित शिकायत की गई पर भ्रष्ट प्रशासन ने इस मामले को अभी तक संज्ञान मे नही लिया बल्कि ठेकेदार को बचाने का प्रयास भी किया जा रहा है जब शासन ने 156करोड़ की लागत से रोड निर्माण कराया तो आखिरकार घटिया कार्य क्यु यह बड़ा सवाल है पर जिम्मेदार अपनी आखे बंद कर भ्रष्टाचार का नजारा देख रहे है .

पैमानों को दरकिनार कर बनाया गया सड़क

प्रदेश सरकार के विकास कार्यो की लगातार जनता के सामने पोल खुल रही है वही जिला अनूपपुर से जिला शहडोल तक बनाई गई रोड मे काफी भ्रष्टाचार किया गया यहा तक लोगो के जीवन को रोड कंपनी ने खतरे मे डाल दिया वही रोड कंपनी के पी.एम.प्रदीप सक्सेना वा एडकान कंपनी के डी.पी.एम.योगेंन्द्रर सिंह .वही एम.पी.आर.डी. सी. शहडोल ने जांच के नाम पर नियुक्त किया प्रोजक्ट के मुख्य आधिकारी अजय कुमार सिंह ने एम.पी.आर.डी.सी के अधिकारियो की साठगांठ ने लोगो के जीवन जो खतरे मे डाल दिया जो अब कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है .

सीएमहेल्पलाइन में भी हुई शिकायत पर नही हुआ निराकरण

आवेदक ने इस भ्रष्टाचार की शिकायत सी. एम. हेलफ्लाईन मे भी की पर भ्रष्ट प्रशासन ने कई महीने हो गया आज तक निराकरण नही किया खुलेआम सी.एम हेलफ्लाईन की धज्जियां उड़ा रहे है .जो कि इस रोड मे लगाई गई पुलिया कल्वड मे लगाई गई घटिया पाइप पूरी तरह से छतिग्रस्त हो गई है जो कभी भी बैठ सकती है पर ना ही जिला प्रशासन को दिखा ना ही जांच करने वाले अधिकारियो को जब शासन ने करोडो खर्च किए तो घटिया पाइप क्यु लगाई गई .यह सोचने वाली बात है आवेदक ने सूचना अधिकार के तहत जानकारी भी मागी मगर एम.पी.आर.डी.सी शहडोल के अधिकारियो ने आवेदक को जानकारी से वंचित कर दिया .जिसकी शिकायत राज्य सूचना आयोग से की गई .अब एम.पी.आर.डी.सी शहडोल बिना जांच पूरा हुए बिना ही रोड को हैंडओवर ले रही है और आम नागरिक के आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है

शिकायतो की चिट्ठी पहुंची भोपाल से दिल्ली फिर भी जांच शून्य

आवेदक ने फिर एक बार प्रदेश के मुख्यमंत्री वा एम.पी.आर.डी.सी भोपाल वा परिवहन मंत्री से गुहार लगाई है कि इस रोड मे हुए भ्रष्टाचार कि जांच उच्च अधिकारियो से कराकर दोषियों के ऊपर कार्यवाही करे।अन्यथा इस रोड मे कभी बड़ी दुर्घटना हो सकती है वही आवेदक ने शहडोल कमिश्नर को इस मामले कि लिखित शिकायत कि पर आज तक कोई कार्यवाही नही हुई क्या गावर कंपनी के सामने अनूपपुर वा शहडोल जिला प्रशासन नस्मस्तक है अगर नही तो कार्यवाही वा स्थानीय अधिकारियो से क्यों नही कराई जा रही जांच

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