पति की लंबी उम्र के लिए रखा निर्जला व्रत रात भर चले भजन कीर्तन का आयोजन

मण्डला/मोहगांव । विकासखंड मोहगाँव अंतर्गत ग्रामीण अंचलों में धूमधाम से मनाई गई तीजा का त्यौहार, विदित है कि भादों की तीज को मनाया जाने वाला हरितालिका त्यौहार विकासखंड मोहगाँव अंतर्गत ग्राम सिंगारपुर में धार्मिक व पारंपरिक रूप से मनाया गया। विवाहित महिलाओं व कुंवारी कन्याओं ने भगवान शिव और माता पार्वती का पूजा अर्चना किया। अखंड सौभाग्य की कामना को लेकर महिलाओं ने दिन भर निर्जला व्रत रखा सुबह सूर्योदय के पूर्व महिलाओं कन्याओं ने स्नान किया दिनभर निर्जला व्रत रखने के बाद शाम से पूजन का सिलसिला शुरू हुआ। फुलेरा के नीचे बैठकर महिलाओं व कन्याओं ने मिट्टी के बनाए भगवान शिव और माता पार्वती तथा पार्थिव शिवलिंग का पूजन किया। धूप, दीप, फल, मेवा, मिष्ठान से भगवान शिव को रात्रि के पहर में भी आरती की रात भर घरों में मंगल गीत,भजन चलते रहे ढोलक की थाप पर महिलाएं रात भर गाती रही। जिसकी गूंज सर्वत्र तक सुनाई देती रही। पति की दीर्घायु की कामना के लिए सुहागिन महिलाओं ने अपने सुहाग को अखंड बनाए रखने और अविवाहित युवतियां मन इच्छित वर पाने के लिए हरितालिका तीज का व्रत किया। व्रतधारी महिलाओं में पुष्पा परते गमला परते बुंदिया मरावी, गुलबंशा सैयाम, ममता गौतम, कौशल्या कुर्मेश्वर, रेखा झारिया, सोनम झारिया, सुरेखा झारिया,गायत्री कुर्मेश्वर, बसमतिया मरावी,सकुन सैयाम, संध्या मरावी वही कुंवारी कन्याओं में उपासना परते, अमीषा गौतम, भारती परते, अर्चना कुर्मेश्वर सहित अनेक महिलाओं व कुंवारी कन्याओं ने रतजगा कर पूजन किया। कार्यक्रम पश्चात व्रतधारी महिलाओं व कुंवारी कन्याओं सहित अन्य महिलाओं ने सुबह इमली टोला घाट और रानी घाट नर्मदा नदी में फुलेरा विसर्जित कर अपने- अपने मनोकामना पूर्ण किए। इसी प्रकार से मोहगाँव विकासखंड अंतर्गत ग्रामीण अंचलों में भी हरितालिका का त्यौहार बड़ी ही धूमधाम से मनाया गया।
मोहगाँव में महिलाओं एवं कुंवारी कन्याओं ने व्रत रखा और रात्रि जागरण कर फुलेरा बांधकर रात्रि जागरण किया। महिलाओं ने अखंड सौभाग्यवती व्रत रखा और निर्जला व्रत रखकर पूजन अर्चना कर रात्रि जागरण किया। व्रतधारी महिलाओं व कुंवारी कन्याओं ने सुबह बुढनेर नदी में फुलेरा विसर्जित किये।
वही ग्राम देवगाँव में पति की लंबी आयु के लिए महिलाओं ने रखी निर्जला उपवास भादों के महीने में मनाए जाने वाला हरितालिका तीज व्रत को महिलाएं सुबह 4:00 बजे उठकर नर्मदा-बुढनेर संगम घाट में मोनी स्नान कर पकवान खुरमा, गुजिया तैयार किया माता गौरी एवं भगवान भोलेनाथ को चढ़ाकर घरों में फुलेरा बांधकर भजन कीर्तन कर रात्रि जागरण किया गया।तत्पश्चात सुबह नर्मदा-बुढनेर संगम घाट में फुलेरा विसर्जित किए।
वही ग्राम चाबी अपने घरों व धार्मिक स्थानों में भादों की तीज को मनाए जाने वाला हरितालिका पर्व जिसमें समस्त महिलाओं व कुंवारी कन्याओं द्वारा भगवान भोलेनाथ एवं माता पार्वती की प्रतिमा बनाकर निर्जला उपवास रहकर महिलाओं ने पति की लंबी आयु के लिए एवं कुंवारी कन्याओं नें जीवन साथी के लिए भगवान से प्रार्थना की रात भर फूलों का फुलेरा बनाकर अच्छे -अच्छे नए वस्त्र पहनकर कीर्तन भजन रतजगा कर पूजन किया।



