मध्यान्ह भोजन साहिकाएं वेतन से वंचित

जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेश जागरूक अधिकारी कर्मचारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रॉबर्ट मार्टिन ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि शासकीय शालाओं में कार्यरत मध्यान्ह भोजन सहायिकाओं को दो माह से वेतन नहीं मिला है जिससे उनको अपना जीवकोपार्जन करना कठिन पड़ रहा है l क्योंकि इस महंगाई के दौर में जहां महंगाई अपनी चरम सीमा पर है वहां पर न्यूनतम वेतनमान में कार्य करना अपने आप में वैसे ही मुश्किल है, ऐसे में यदि आवंटन की समस्या बताकर उन्हें दो माह से वेतन नहीं मिल पाता है या नहीं दिया जाता है तो यह बहुत बड़ा सवालिया निशान है l जबकि इन न्यूनतम वेतनमान में कार्य करने वाले कर्मचारियों को समय पर वेतन दिया जाना चाहिए l क्योंकि उनके साथ उनके परिवार के लोग भी जुड़े होते हैं उन पर निर्भर होते हैं ऐसे में यदि उन्हें दो माह से वेतन नहीं मिलता है तो उनके साथ-साथ उनका पूरा परिवार इस समस्याओं को झेलने में मजबूर हो जाता है l ऐसे में संगठन मांग करता है की इन मध्यान्ह भोजन सहायिकाओं को समय पर वेतन दिया जाना चाहिए l संगठन के रॉबर्ट मार्टिन, जियाउरहीम, दिनेश गौड़, हेमंत ठाकरे, राकेश श्रीवास, स्टेनली नॉबर्ट, रऊफ खान, सुनील झारिया , गुडबिन चार्ल्स , उमेश सिंह ठाकुर, सुधीर अवधिया, एनोस विक्टर, धनराज पिल्ले, फिलिप एंथोनी, राजेश सहरिया, विनोद सिंह, सुधीर पावेल, गोपी शाह, संतोष चौरसिया, आशीष कोरी आदि ने आयुक्त राज्य शिक्षा केंद्र से मांग की है कि मध्यान्ह भोजन सहायकाओं का वेतन समय पर दिया जाएl



