यूपी की तर्ज पर मध्यप्रदेश में भी वाहनों के चालान रद्द करें मुख्यमंत्री शिवराज

जबलपुर दर्पण । उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने निजी और कमर्शल वाहन स्वामियों को बड़ी राहत दी है। 1 जनवरी 2017 से 31 दिसंबर 2021 के बीच जितने भी चालान काटे गए हैं, सभी को निरस्त कर दिया गया है। साथ ही जो केस विभिन्न न्यायालयों में पेंडिंग हैं, उन्हें भी राहत दी है। यूपी की तरह मध्यप्रदेश में भी ट्रांसपोर्टर चालान से मुक्ति पाना चाहते हैं। ऑल इंडिया मोटर एवं गुड्स ट्रांसपोर्ट असोसिएशन के मैनेजिंग कमेटी के सदस्य परमवीर सिंह ने कहा कि कोविड- 19 महामारी के दौरान मध्यप्रदेश के बहुत से ट्रांसपोर्टर आर्थिक तंगी के शिकार हैं। गाड़ियों की किश्त, रख- रखाव और परिवार का पालन-पोषण आसान नहीं रहा है। ऊपर से जिनके चालान कटे हुए हैं या कोर्ट में केस चल रहे हैं, उनके लिए काम छोड़कर भागादौड़ी करना बड़ा मुश्किल हो गया है। ऐसे में असोसिएशन ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है कि उत्तर प्रदेश की तर्ज पर मध्यप्रदेश में लंबित पड़े वाहनों के चालान को निरस्त किया जाए। परमवीर सिंह ने बताया कि इन दिनों डीजल के भाव भी आसमान पर हैं। ठंडे पड़े बाजार, महंगा टोल और फाइनेंसर्स की दादागीरी से भी मालवाहकों के मालिक परेशान हैं। मध्यप्रदेश की सड़कों पर ट्रैफिक पुलिस और मध्यप्रदेश परिवहन विभाग द्वारा कई बार जायज और नाजायज चालन वाहनों के काट दिए जाते हैं। यदि मुख्यमंत्री शिवराज जी ने भी मध्यप्रदेश के वाहन चालकों को राहत दी, तो ट्रांसपोर्टर्स और कमर्शल वाहनों के स्वामी उनके आभारी रहेंगे।



