क्षेत्रों में हुई ओले की बारिश, किसानों के दलहनी फसलों को नुक़सान

धान खरीदी केंद्रों में बदइंतजामी की खुली पोल, बेमौसम बारिश से जनजीवन प्रभावित
डिंडोरी,जबलपुर दर्पण ब्यूरो।जिले भर में पिछले दो दिनों से कई क्षेत्रों में रुक रुक कर हो रही तेज बारिश और ओलावृष्टि के कारण जहां जनजीवन प्रभावित तो वही किसानों के दलहनी फसलों को भारी नुक़सान है। बेमौसम बारिश से जिले के अधिकतम धान खरीदी केंद्रों के बाहर रखी धान पानी में भींग रही है, जहां जिम्मेदारों के बंदइंतजामी की पोल खुल गई है। मौसम की मार और प्रशासनिक बदइंतजामी के कारण किसानों की उपज बर्बाद हो गई है। खरीदी केंद्रों की लापरवाही और विभागीय निष्क्रियता से हजारों किवंटल धान खुले में रखी होने के कारण खराब हो रहे हैं। गौरतलब है कि समनापुर क्षेत्र के विभिन्न गांवों में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण किसानों की खेतों में लहराती दलहनी फसलें बर्बाद हो गई है। गौरतलब है कि शासन द्वारा 15 जनवरी तक का समय धान खरीदी के लिए निर्धारित किया है, जिससे धान खरीदी केंद्रों में किसान भी बड़ी संख्या में पहुंचने लगे हैं।
करोड़ों का खर्चा के बाद भी परिवहन कार्य की रफ्तार धीमी-गौरतलब है कि एक और शासन प्रशासन द्वारा खरीदी केंद्रों में सुरक्षा व्यवस्था व परिवहन कराने करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जा सके। लेकिन अधिकारियों की मनमानी कार्यप्रणाली से विगत दिनों हुई बारिश से सरकार को लाखों, करोड़ों रुपए की क्षति पहुंची है। बड़ी मात्रा में धान भीगने से खराब हुई है, बावजूद विभाग के अधिकारियों और अक्षम परिवहनकर्ताओं के विरूद्ध न तो कोई कार्यवाही हुई है न ही अधिकारियों की कार्यप्रणाली बदली है। इतने नुकसान के बाद भी केंद्रों पर संग्रहीत धान को बचाने के कोई खास प्रयास किए जा रहे है न ही धान के परिवहन में तेजी आई है। सरकार को हुए भारी नुकसान के बाद अब भी विभाग के अधिकारी बेअसर है, इसी तरह हर साल शासन-प्रशासन को जिम्मेदार लोग मिलीभगत करके करोड़ों का नुकसान करवाते हैं।



