दामोदर रोपवे प्रबन्धक कर्मचारी जयदीप दास पर चला पुलिस की कार्यवाही का डंडा

मैहर। देवी जी धाम में भक्तो की सुबिधा हेतु संचालित दामोदर रोपवे के प्रबन्धक पर पुलिस ने कसा शिकंजा ज्ञात हो कि विगत दिनों बेला से कुछ दर्शनार्थी माँ शारदे के दर्शन करने आये जहां पर दर्शन करने जाने हेतु रोपवे से भक्तो ने टिकट खरीदा ओर लाइन पर लग गए लेकिन वे भक्त कई घण्टो तक लगे रहे लाइन पर पर उनका नम्बर नही आया और वीआईपी किस्म के रसूखदार आये और फ्री में दर्शन करने जाने लगे तभी लाइन पर लगे दर्शनार्थी ने पूछा लिया रोपवे में लगी गार्ड से की यह क्या नियम है इतना पूछना दर्शनार्थी को भारी पड़ा फिर क्या था अपने ताकत के घमंड में चूर रोपवे का जयदीप दास व गार्डो ने दर्शनार्थी के साथ मारपीट की दर्शनार्थी किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भागा ओर चौकी गया जहां पर लिखित शिकायत किया जिस पर पुलिस ने जयदीप दास व दो अन्य गार्ड पर 323 का मुकदमा दर्ज किया हालांकि उक्त घटना से देवी जी धाम बदनाम हो रहा आप सोचिये की दर्शनार्थी चौकी पहुचा तो कार्यवाही हुई पर न जाने ऐसा कितने लोगों के साथ आजतक हुआ होगा लेकिन फ्री सेवा के चक्कर मे गुलाम बने सारे जिम्मेवार रोपवे की ही वाहवाही में लग जाते है मन्दिर प्रशासक व पुलिस को चाहिए कि तत्काल ऐसे लोगो को रोपवे से हटाए ताकि फिर दुबारा कोई ऐसी घटना दोहराई न जा सके निश्चय ही पुलिस की यह कार्यवाही की लोगो ने सराहा की नवागत चौकी प्रभारी के सामने किसी भी गलत करने वाले को बख्शा नही जावेगा। पत्रकारों से भी की थी बदसलूकी बताते चलें एक दिन पत्रकार के द्वारा कुछ कवरेज को लेकर को लेकर रोपवे के प्रबंधक जयदीप से मिलने गए एवं प्रबंधक के नाम पूछने पर वहां का गार्ड भड़क गया और उची आवाज में पत्रकार से बदसलूकी करने लगा वहां के जो गार्ड थे पत्रकार को जाने नहीं दिया गया और वहा उपस्थित गार्ड के द्वारा से यह बोला गया कि आप किस तरह के पत्रकार हैं जब प्रबंधक का नाम नहीं पता और क्यों आए हो जब पत्रकार द्वारा पूछा गया कि ऐसा क्यों कह रहे हैं तो उन्होंने कहा कि हमारे प्रबंधक जयदीप का कहना है कि कोई भी आए तो हमसे ना मिलने दिया जाए बल्कि प्रशासनिक अधिकारी से मेरे नंबर पर फोन लगाया जाए उसके बाद ही मैं उस इंसान से मिलूंगा या अंदर आने की इजाजत होगी और पत्रकार को गार्ड द्वारा धमकी भी दी गई कि जो करना हो कर लेना खैर कुछ देर बाद किसी अपने काम जयदीप बाहर आए और जब पत्रकार ने पूड़ी बात बताई कि आपका गार्ड अभद्रता पूर्ण बोल रहा था तो उन्होंने गार्ड को कुछ ना बोलते हुए पत्रकार को ही शिक्षा का पाठ पढ़ा कर अलविदा कह दिया जिसके बाद गार्ड से नाम पूछा गया तो उसने अपना नाम भी गलत बताया जब पत्रकारों को डराया धमकाया जाता है तो कैसे समान लोग सुरक्षित होंगे और आज नतीजा सबके सामने है।



