शासन की प्रमोशन नीति से बिफरे प्रधानाध्यापक।
जबलपुर दर्पण । मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार म.प्र.शासन शिक्षा विभाग में लम्बे समय से प्रमोशन/ उच्च पदों में प्रभारी बनाने वाली नीतियों पर नीति विशेषज्ञों द्वारा कार्य बड़ी जोर-शोर से चल रहा है परन्तु जिन्हें प्रमोशन मिलना है,उनमें से ज्यादातर नाखुश नज़र आ रहे हैं।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर के अनुसार पूर्व में शासन द्वारा अनेक उच्च श्रेणी शिक्षकों को प्रमोट कर 50 प्रतिशत कों प्रधानाध्यापक तो शेष 50 प्रतिशत कों लेक्चरर पद पर पदोन्नति किया गया एवं बाद में पत्र जारी कर प्रधानाध्यापकों को राजपत्रित अधिकारी का दर्जा भी दिया गया जबकि पूर्व में शासन द्वारा दोनों पदों को समान रूप से मान्य किया गया।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर ने आगे बताया कि अब जब प्रमोशन/ उच्च पदों पर अगली कार्रवाई चल रही है तो शासन प्रधानाध्यापक को लेक्चरर पद पर पदोन्नति प्रभारी बनाने वाली है जो कि नीतिगत अन्यान्य करने जा रही है जबकि उच्च श्रेणी शिक्षक से प्रधानाध्यापक बनें 15 से 20 वर्ष हों चुके हैं एवं उच्च श्रेणी शिक्षकों को भी लेक्चरर पद पर पदोन्नति प्रभारी बनाने जा रही है जबकि अनेक प्रधानाध्यापक जो कि 30 वर्ष क्रमोन्नति लाभ ले कर 6600/ ग्रैंड पे,जो कि सहायक संचालक पद का है, जहां लेक्चरर पद का वेतनमान 5400/ का है। जबकि प्रधानाध्यापक भी शैक्षणिक एवं व्यवसायिक योग्यताएं पूर्ण रखते हैं।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के दिलीप सिंह ठाकुर, अरविन्द विश्कर्मा, निरंद सिंह, जी आर झारिया, संजय उपाध्याय, नितिन तिवारी,देवेंद्र राजपूत, भास्कर गुप्ता, माधव पाण्डेय, सतीश खरे, सुधीर गौर, अरविन्द दीक्षित, आदेश विश्वकर्मा, दुर्गेश खातरकर, राकेश मून, विश्वनाथ सिंह, आकाश भील, ऋषि पाठक, धर्मेंद्र परिहार, संदीप परिहार, शैलेश पंड्या, रवि विश्वकर्मा, रवि केवट, अफ़रोज़ खान, बहादुर पटेल, आशीष विश्वकर्मा, अजब सिंह, सुल्तान सिंह,देवराज सिंह, इमरत सेन, लोचन सिंह, बैजनाथ यादव, आशीष यादव, विष्णु झारिया, कमलेश दुबे, पंकज हल्दकार, आसाराम झारिया, समर सिंह, अंजनी उपाध्याय, चंद्रभान साहू, गंगाराम साहू, भोगीराम चौकसे, रामदयाल उइके, पवन सोयाम, मदन पांन्द्रो, रामकिशोर इपाचे, महेश मेहरा, भोजराज विश्वकर्मा, सुरेंद्र परसते, राशिद अली, आर पी खनाल, एस बी रजक, संतोष श्रीवास्तव, संतोष चौरसिया, मुन्ना लाल कतिया, गोपी शाह, मनोज कोल, पुष्पा रघुवंशी, चंदा सोनी, अर्चना भट्ट, रेनू बुनकर, कल्पना ठाकुर, ब्रजवती आर्मो, अम्बिका हँतिमारे, योगिता नंदेश्वर, पूर्णिमा बेन, सुमिता इंगले, शबनम खान, गीता कोल, राजेश्वरी दुबे, सरोज कोल, शायदा खान, रौशनी महोबिया इत्यादि ने शासन, उच्च पद समिति के सदस्यों से मांग की है,कि चिन्तन -मनन कर सही न्याय संगत तरीके से उच्च पदों पर वरिष्ठता, वेतनमान, शैक्षणिक एवं व्यवसायिक योग्यताएं को ध्यान में रखते हुए उचित न्याय कर उच्च पदों पर पदाकंन करें।



